चंबा। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने करवट बदली है। जनजातीय क्षेत्र पांगी के ऊंचाई वाले इलाकों में 10.16 सेंटीमीटर और भरमौर की ऊपरी चोटियों पर मंगलवार को 2.54 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के कारण चंबा-बैरागढ़ वाया सचे जोत-किलाड़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, जिले के निचले क्षेत्रों में देर शाम बारिश शुरू होने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया। पांगी के संसार हिल्स, सचे जोत, चस्क भुटोरी, कुमार भुटोरी और परमार भुटोरी में 10.16 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में काटकर रखी गई मक्की की फसल और घास को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण दिनभर जुटे रहे। जिला मुख्यालय चंबा समेत डलहौजी, बनीखेत, चुवाड़ी, सलूणी और चुराह में सुबह के समय तेज धूप खिली रही। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और आसमान में काले बादल छा गए। देर शाम हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई।
किसानों योगराज, संजीव कुमार, प्रताप चंद, दलीप कुमार, अमित कुमार, सुरेंद्र कुमार और राजीव ने बताया कि इन दिनों मक्की की फसल और पशुओं के लिए घास समेटने का काम चल रहा है। अचानक बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से फसल को सुरक्षित रखने की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो खेतों में रखी फसल और घास को नुकसान पहुंच सकता है।