फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Simran left a package of Rs 12 lakh and became a lieutenant in the Navy.

Mandi News: 12 लाख रुपये का पैकेज छोड़ नेवी में लेफ्टिनेंट बनीं सिमरन

Sat, 06 Dec 2025 05:36 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Sat, 06 Dec 2025 05:36 AM IST
विज्ञापन
Simran left a package of Rs 12 lakh and became a lieutenant in the Navy.
नेवी में लेफ्टिनेट बनीं सिमरन का कोटली पहुंचने पर स्वागत करते लोग। -संवाद
कोटली (मंडी)। सपनों की उड़ान जब ऊंची हो तो लाखों के पैकेज भी मायने नहीं रखते। मंडी जिला के कोटली (गांव कून) की बेटी सिमरन ने इसे साबित कर दिखाया है। भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट बनकर जब सिमरन पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचीं तो पूरा इलाका देशभक्ति के रंग में रंग गया। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पूर्व सैनिक लीग ने उनका भव्य स्वागत किया।
विज्ञापन

सिमरन के लिए यह सफर आसान नहीं था। एनआईटी हमीरपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद वह गुरुग्राम की एक नामी कंपनी में 12 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी कर रही थीं। लेकिन बचपन से दिल में पल रहा फौज की वर्दी पहनने का सपना उन्हें सोने नहीं देता था। उन्होंने नौकरी के साथ-साथ तैयारी जारी रखी और आखिरकार कॉर्पोरेट की सुख-सुविधाएं छोड़कर देश सेवा को चुना।
विज्ञापन

बेटी को अफसर की वर्दी में देखकर मां मीना देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। जैसे ही सिमरन घर पहुंचीं मां ने आरती उतारकर और मुंह मीठा करवाकर उनका स्वागत किया। सिमरन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोट के निजी स्कूल और योल कैंट के केंद्रीय विद्यालय से की। 2024 में एसएसबी परीक्षा पास करने के बाद जनवरी 2025 से केरल स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में उनका कठिन प्रशिक्षण शुरू हुआ। 30 नवंबर को पासिंग आउट परेड के बाद अब वह आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना का हिस्सा बन गई हैं। सिमरन ने कहा कि वह यहीं नहीं रुकेंगी, बल्कि नेवी में उच्च पद हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीसरी पीढ़ी संभालेगी देश की सुरक्षा का जिम्मा
सिमरन का परिवार पीढ़ियों से देश सेवा में जुटा है। उनके दादा लाला राम सेना से हवलदार और पिता धर्मपाल सेना से सूबेदार (ऑनरेरी कैप्टन) पद से सेवानिवृत्त हैं। दादा लाला राम ने कहा कि यह बेहद गर्व का विषय है कि मेरे परिवार की तीसरी पीढ़ी भी अब भारतीय सेना में सेवा देगी। वहीं, पिता धर्मपाल ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर नाज है। उसने इस मुकाम को पाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। वह महज चार-पांच घंटे सोती थी और बाकी समय पढ़ाई में लगाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed