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Mandi News: लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन की भर्ती करें
Sun, 16 Apr 2023 05:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 16 Apr 2023 05:34 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश के लगभग 3000 पुस्तकालयों में लाइब्रेरियनों और असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के खाली पदों को सरकार तुरंत भरे। यह मांग स्टेट असिस्टेंट लाइब्रेरियन एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष भगत सिंह गुलेरिया ने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार से उठाई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के विभिन्न संस्थानों, 140 महाविद्यालय और लगभग 2800 सीनियर सेकंडरी स्कूलों में पुस्तकालय हैं, लेकिन कार्यरत लाइब्रेरियन और असिस्टेंट लाइब्रेरियन की संख्या लगभग 250 है, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने मांग की है कि पुराने भर्ती व पदोन्नति नियमों के तहत असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को लाइब्रेरियन पदों पर नियुक्ति दी जाए और उनकी योग्यता के आधार पर जिला पुस्तकालय या कॉलेज पुस्तकालयों में तैनाती दी जाए। उन्होंने असिस्टेंट लाइब्रेरियन कैडर को डाइंग घोषित करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि न्यायालय के वेतनमान संबंधी आदेश के अनुसार यह पद असिस्टेंट प्रोफेसर के बराबर है, लेकिन यूजीसी स्केल के इस पद का दर्जा कम करके जेओए के बराबर किया जा रहा है। पद की योग्यता बढ़ाई जा रही है और वेतनमान कम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस कैडर वेतन विसंगति को न्यायालय के आदेशों के अनुरूप तुरंत सुधार किया जाए। उन्होंने इस कैडर के तबादलों पर स्पष्टता की मांग की और कहा कि जिन पुस्तकालयों में पुस्तकों और विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है, वहां पर पद खाली होने से लाइब्रेरियों का औचित्य ही खत्म हो गया है। उन्होंने पदोन्नति व भर्तियां पुराने भर्ती व पदोन्नति नियम के तहत करने की मांग की।
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मंडी। प्रदेश के लगभग 3000 पुस्तकालयों में लाइब्रेरियनों और असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के खाली पदों को सरकार तुरंत भरे। यह मांग स्टेट असिस्टेंट लाइब्रेरियन एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष भगत सिंह गुलेरिया ने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार से उठाई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के विभिन्न संस्थानों, 140 महाविद्यालय और लगभग 2800 सीनियर सेकंडरी स्कूलों में पुस्तकालय हैं, लेकिन कार्यरत लाइब्रेरियन और असिस्टेंट लाइब्रेरियन की संख्या लगभग 250 है, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने मांग की है कि पुराने भर्ती व पदोन्नति नियमों के तहत असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को लाइब्रेरियन पदों पर नियुक्ति दी जाए और उनकी योग्यता के आधार पर जिला पुस्तकालय या कॉलेज पुस्तकालयों में तैनाती दी जाए। उन्होंने असिस्टेंट लाइब्रेरियन कैडर को डाइंग घोषित करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि न्यायालय के वेतनमान संबंधी आदेश के अनुसार यह पद असिस्टेंट प्रोफेसर के बराबर है, लेकिन यूजीसी स्केल के इस पद का दर्जा कम करके जेओए के बराबर किया जा रहा है। पद की योग्यता बढ़ाई जा रही है और वेतनमान कम किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस कैडर वेतन विसंगति को न्यायालय के आदेशों के अनुरूप तुरंत सुधार किया जाए। उन्होंने इस कैडर के तबादलों पर स्पष्टता की मांग की और कहा कि जिन पुस्तकालयों में पुस्तकों और विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है, वहां पर पद खाली होने से लाइब्रेरियों का औचित्य ही खत्म हो गया है। उन्होंने पदोन्नति व भर्तियां पुराने भर्ती व पदोन्नति नियम के तहत करने की मांग की।
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