{"_id":"6707e2669d7f26ef020c96bc","slug":"private-ward-of-zonal-hospital-is-in-bad-condition-rent-is-rs-1500-no-facilities-mandi-news-c-90-1-ssml1025-137613-2024-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: जोनल अस्पताल के प्राइवेट वार्ड खस्ताहाल, किराया 1500, सुविधाएं नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: जोनल अस्पताल के प्राइवेट वार्ड खस्ताहाल, किराया 1500, सुविधाएं नहीं
Fri, 11 Oct 2024 07:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 11 Oct 2024 07:47 AM IST
विज्ञापन
जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में दीमक लगने से क्षतिग्रस्त हुई अलमारी। संवाद
कमरा लेना भी चुनौतीपूर्ण, कई औपचारिकताओं के बाद मिल रहा कमरा
1500 रुपये देने के बाद भी मरीजों और तीमारदारों को नहीं मिल पा रही उचित सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्डों की हालत खस्ता होने से मरीजों और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। दैनिक 1500 रुपये किराया देने के बाद भी कमरों की अल्मारियाें में दीकम लगी है। पंखे और कूलर खराब हैं और दरवाजे और वाॅशवेशन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। रखरखाव के अभाव में प्राइवेट वार्ड में लंबे समय से खामियां हैं, जबकि तीमारदारों को कमरा लेने के लिए भी विभिन्न औपचारिकताएं पूरी करने के लिए खासी दौड़ धूप करनी पड़ती है। बता दें कि जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्डों में कुल 14 कमरे है, जिनमें 1 स्टॉफ के लिए, 1 चिकित्सक के लिए, 1 वीआईपी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए आरक्षित है। केवल 10 कमरों को ही आम जनता को दिया जा रहा हैं। कमरा लेने पर तीमारदारों को कई औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ रहा है। वहीं, कमरा छोड़ने पर सफाई कर्मचारी भी तीमारदारों से सेवा खर्च की मांग करते हैं।
केस एक
- दादा को पैरालाइज अटैक के चलते एक सप्ताह तक प्राइवेट वार्ड में उपचार दिलाया। कमरा लेने के लिए खासी दौड़ धूप करनी पड़ी। पहले संबंधित चिकित्सक से फाइल पर साइन करवाए। बाद में खुद कमरा खाली होने की जानकारी वार्ड सिस्टर को देने के बाद ही कमरा मिल पाया। जब कमरा छोड़ा तो सफाई कर्मचारी ने 100 रुपये की मांग की। पूछने पर बताया कि हमने भी तो आपकी सेवा की है।
प्रदीप कुमार निवासी चैलचौक
केस दो
दो दिनों से माता का सर्जिकल ऑपरेशन होने पर उन्हें अस्पताल के निजी कमरे में रखा है। लेकिन यहां कमरे की हालत दयनीय है। दीमक लगने से अलमारी पूरी तरह गल चुकी है। पंखा तेज आवाज करता है। एसी बंद पड़ा है और शौचालय में लगा वॉशवेशन क्षतिग्रस्त हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन कमरे का दैनिक किरया 15 सौ रुपये वसूल कर रहा है लेकिन यहां सुविधा नाममात्र की भी नहीं है।
विज्ञापन
लता शर्मा निवासी कोटली
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कोट्स
वीआईपी कमरों का 15 सौ और आम कमरों के 1250 रुपये लिए जा रहे हैं। सभी कमरों की हालत खराब नहीं हो सकती। यदि कमरों में कुछ खामियां चल रही है तो उन्हें ठीक करवाया जाएगा। अल्मारियां, पंखे और एसी की मरम्मत करवा दी जाएगी।
-डॉ धर्म सिंह वर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जोनल अस्पताल मंडी।
विज्ञापन
1500 रुपये देने के बाद भी मरीजों और तीमारदारों को नहीं मिल पा रही उचित सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्डों की हालत खस्ता होने से मरीजों और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। दैनिक 1500 रुपये किराया देने के बाद भी कमरों की अल्मारियाें में दीकम लगी है। पंखे और कूलर खराब हैं और दरवाजे और वाॅशवेशन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। रखरखाव के अभाव में प्राइवेट वार्ड में लंबे समय से खामियां हैं, जबकि तीमारदारों को कमरा लेने के लिए भी विभिन्न औपचारिकताएं पूरी करने के लिए खासी दौड़ धूप करनी पड़ती है। बता दें कि जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्डों में कुल 14 कमरे है, जिनमें 1 स्टॉफ के लिए, 1 चिकित्सक के लिए, 1 वीआईपी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए आरक्षित है। केवल 10 कमरों को ही आम जनता को दिया जा रहा हैं। कमरा लेने पर तीमारदारों को कई औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ रहा है। वहीं, कमरा छोड़ने पर सफाई कर्मचारी भी तीमारदारों से सेवा खर्च की मांग करते हैं।
केस एक
- दादा को पैरालाइज अटैक के चलते एक सप्ताह तक प्राइवेट वार्ड में उपचार दिलाया। कमरा लेने के लिए खासी दौड़ धूप करनी पड़ी। पहले संबंधित चिकित्सक से फाइल पर साइन करवाए। बाद में खुद कमरा खाली होने की जानकारी वार्ड सिस्टर को देने के बाद ही कमरा मिल पाया। जब कमरा छोड़ा तो सफाई कर्मचारी ने 100 रुपये की मांग की। पूछने पर बताया कि हमने भी तो आपकी सेवा की है।
विज्ञापन
प्रदीप कुमार निवासी चैलचौक
केस दो
दो दिनों से माता का सर्जिकल ऑपरेशन होने पर उन्हें अस्पताल के निजी कमरे में रखा है। लेकिन यहां कमरे की हालत दयनीय है। दीमक लगने से अलमारी पूरी तरह गल चुकी है। पंखा तेज आवाज करता है। एसी बंद पड़ा है और शौचालय में लगा वॉशवेशन क्षतिग्रस्त हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन कमरे का दैनिक किरया 15 सौ रुपये वसूल कर रहा है लेकिन यहां सुविधा नाममात्र की भी नहीं है।
विज्ञापन
लता शर्मा निवासी कोटली
कोट्स
वीआईपी कमरों का 15 सौ और आम कमरों के 1250 रुपये लिए जा रहे हैं। सभी कमरों की हालत खराब नहीं हो सकती। यदि कमरों में कुछ खामियां चल रही है तो उन्हें ठीक करवाया जाएगा। अल्मारियां, पंखे और एसी की मरम्मत करवा दी जाएगी।
-डॉ धर्म सिंह वर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जोनल अस्पताल मंडी।

जोनल अस्पताल मंडी के प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में दीमक लगने से क्षतिग्रस्त हुई अलमारी। संवाद