{"_id":"698726dbe9f711016b0bfe06","slug":"postmortem-report-reveals-shock-injury-excessive-bleeding-led-to-leopards-death-mandi-news-c-90-1-ssml1045-185176-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा<bha>;<\/bha> शॉक इंजरी, अत्यधिक रक्तस्राव से हुई तेंदुए की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा<bha>;</bha> शॉक इंजरी, अत्यधिक रक्तस्राव से हुई तेंदुए की मौत
Sun, 08 Feb 2026 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 08 Feb 2026 05:19 AM IST
विज्ञापन
मंडी। सरकाघाट उपमंडल के धाड़ गांव से रेस्क्यू किए गए तेंदुए की मौत का कारण शॉक इंजरी और अत्यधिक रक्तस्राव पाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए की सांस की नली में भी समस्या थी। कुत्तों के साथ हुई झड़प और रेस्क्यू के दौरान लगी चोटों के कारण 2 फरवरी की रात गोपालपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
बीते रविवार को कलाहू गांव के पास कुत्तों से हुई भिड़ंत के बाद घायल तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया था। रेस्क्यू के दौरान उसने वन विभाग के कर्मचारी जोगिंद्र सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर को वन विभाग और वन्य प्राणी प्रभाग की संयुक्त टीम ने उसे काबू किया था। मौत के बाद तीन फरवरी को एक विशेष कमेटी की निगरानी में तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया।
डीएफओ सुकेत राकेश कटोच ने रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह नियमानुसार चलाया गया था। तेंदुए को घेरकर कुत्तों द्वारा हमला करवाने या ऐसी स्थिति पैदा होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है कि क्या तेंदुए के साथ कोई क्रूरता की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते रविवार को कलाहू गांव के पास कुत्तों से हुई भिड़ंत के बाद घायल तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया था। रेस्क्यू के दौरान उसने वन विभाग के कर्मचारी जोगिंद्र सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर को वन विभाग और वन्य प्राणी प्रभाग की संयुक्त टीम ने उसे काबू किया था। मौत के बाद तीन फरवरी को एक विशेष कमेटी की निगरानी में तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
डीएफओ सुकेत राकेश कटोच ने रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह नियमानुसार चलाया गया था। तेंदुए को घेरकर कुत्तों द्वारा हमला करवाने या ऐसी स्थिति पैदा होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है कि क्या तेंदुए के साथ कोई क्रूरता की गई थी।
विज्ञापन