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Mandi News: व्यापार मेले को लेकर गरमाई राजनीति
Fri, 05 Dec 2025 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 05 Dec 2025 05:19 AM IST
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सुंदरनगर के जवाहर पार्क में 10 दिसंबर से लगना है मेला
विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा में उठाया था मामला
अब पूर्व सीपीएस सोहन लाल ने भी खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के जवाहर पार्क में 10 दिसंबर से लगने वाले व्यापार मेले को लेकर राजनीति गरमा गई है। स्थानीय व्यापारियों की नाराजगी के बीच अब यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच चुका है। इस बीच अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सुंदरनगर में व्यापार मेले को लेकर जारी यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि व्यापारी, शहरवासी और राजनीतिक दल सभी अपने-अपने स्तर पर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा में सवाल उठाया था कि जवाहर पार्क में एक निजी व्यापारी को पूरे एक महीने के लिए मेला लगाने की अनुमति देना अनुचित और व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद पूर्व सीपीएस और पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सवाल उठाने से पहले विधायक को यह समझना चाहिए था कि नगर परिषद सुंदरनगर पर भाजपा का नियंत्रण है।
ऐसे में निजी व्यापारी को मैदान किराये पर देने का निर्णय नगर परिषद का है, न कि राज्य सरकार का। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद को मेले में स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। इसी मुद्दे पर पूर्व पार्षद अरुण आर्य ने भी भाजपा और नगर परिषद पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति की वजह से स्थानीय व्यापारी लगातार नुकसान उठा रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे मेले राजनीति से ऊपर उठकर करवाए जाने चाहिए ताकि स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
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इधर, शहर के कई निवासी भी मेले को लेकर नाराज हैं। समाजसेवी अभिषेक ठाकुर ने नगर परिषद पर सवाल उठाया है कि जवाहर पार्क को किराये पर देकर बाहरी व्यापारियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है जबकि स्थानीय व्यापारी उपेक्षित हैं। उनका कहना है कि यदि नगर परिषद मेला करवाना ही चाहती थी तो शहर के व्यापारियों को सस्ती दरों पर स्टाल उपलब्ध करवाए जाने चाहिए थे। उन्होंने आशंका जताई कि मेले के दौरान स्थानीय कारोबार फिर मंदी की मार झेलेगा।
बॉक्स
-मेले की अनुमति 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक दी गई है और समयसीमा समाप्त होते ही मैदान खाली करवा दिया जाएगा। स्थानीय व्यापारी भी उचित दरों पर अपने स्टाल लगा सकते हैं। पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर मेला लगाया गया था। स्थानीय व्यापार मंडल इस मेला आयोजन का विरोध कर रहा है और प्रशासन पर मेले को बंद करवाने का दबाव बना रहा है।
-अमर नेगी, एसडीएम सुंदरनगर
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विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा में उठाया था मामला
अब पूर्व सीपीएस सोहन लाल ने भी खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के जवाहर पार्क में 10 दिसंबर से लगने वाले व्यापार मेले को लेकर राजनीति गरमा गई है। स्थानीय व्यापारियों की नाराजगी के बीच अब यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच चुका है। इस बीच अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सुंदरनगर में व्यापार मेले को लेकर जारी यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि व्यापारी, शहरवासी और राजनीतिक दल सभी अपने-अपने स्तर पर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा में सवाल उठाया था कि जवाहर पार्क में एक निजी व्यापारी को पूरे एक महीने के लिए मेला लगाने की अनुमति देना अनुचित और व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद पूर्व सीपीएस और पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सवाल उठाने से पहले विधायक को यह समझना चाहिए था कि नगर परिषद सुंदरनगर पर भाजपा का नियंत्रण है।
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ऐसे में निजी व्यापारी को मैदान किराये पर देने का निर्णय नगर परिषद का है, न कि राज्य सरकार का। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद को मेले में स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। इसी मुद्दे पर पूर्व पार्षद अरुण आर्य ने भी भाजपा और नगर परिषद पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति की वजह से स्थानीय व्यापारी लगातार नुकसान उठा रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे मेले राजनीति से ऊपर उठकर करवाए जाने चाहिए ताकि स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
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इधर, शहर के कई निवासी भी मेले को लेकर नाराज हैं। समाजसेवी अभिषेक ठाकुर ने नगर परिषद पर सवाल उठाया है कि जवाहर पार्क को किराये पर देकर बाहरी व्यापारियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है जबकि स्थानीय व्यापारी उपेक्षित हैं। उनका कहना है कि यदि नगर परिषद मेला करवाना ही चाहती थी तो शहर के व्यापारियों को सस्ती दरों पर स्टाल उपलब्ध करवाए जाने चाहिए थे। उन्होंने आशंका जताई कि मेले के दौरान स्थानीय कारोबार फिर मंदी की मार झेलेगा।
बॉक्स
-मेले की अनुमति 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक दी गई है और समयसीमा समाप्त होते ही मैदान खाली करवा दिया जाएगा। स्थानीय व्यापारी भी उचित दरों पर अपने स्टाल लगा सकते हैं। पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर मेला लगाया गया था। स्थानीय व्यापार मंडल इस मेला आयोजन का विरोध कर रहा है और प्रशासन पर मेले को बंद करवाने का दबाव बना रहा है।
-अमर नेगी, एसडीएम सुंदरनगर