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एफसीए के लंबित मामले रणनीति बनाकर निपटाए जाएंगे : उपायुक्त
Wed, 23 Oct 2024 07:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 23 Oct 2024 07:05 AM IST
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लंबित एफसीए मामलों की बैठक की अध्यक्षता कते उपायुक्त अपूर्व देवगन। -स्रोतः विभाग
मंडी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि जिला में वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत लंबित मामलों का रणनीति बनाकर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समय पर एफसीए की मंजूरी न मिलने के कारण अक्सर विकास परियोजनाओं में देरी होती है। एफसीए की मंजूरी के बाद ही विकास कार्यों के लिए विभागों को वन भूमि हस्तांतरित की जाती है।
डीआरडीए हॉल में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने एफसीए के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की। मंडी वन वृत में पर्यावरण मंजूरी के लिए पोर्टल परिवेश 1.0 में 182 और परिवेश 2.0 में 78 मामलों सहित कुल 260 मामले लंबित हैं। उपायुक्त ने 111 मामलों की एक-एक कर समीक्षा की और विभागों को त्वरित निपटारे के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि पोर्टल से हट गए 159 मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी किए जाएंगे और इन मामलों को पुनः अपलोड करने के लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंडी वन वृत में कुल 182 मामले लंबित हैं, जिनमें से 51 को सैद्धांतिक अनुमति स्टेज-1 मिल चुकी है। 109 मामले यूजर एजेंसी द्वारा आवश्यक विवरण अपलोड न करने पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पोर्टल से हट गए हैं।परिवेश 2.0 में 78 मामलों में से 50 मामले इसी कारण हट चुके हैं।
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उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित मामलों के निपटारे के लिए टिप्पणियों पर कार्रवाई करें ताकि स्वीकृति प्राप्त हो सके। बैठक में डीएफओ (जिला मुख्यालय) अंबरीश शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिद्धार्थ सरपाल, डीएफओ मंडी वासु डोगर और नाचन एसएस कश्यप समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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डीआरडीए हॉल में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने एफसीए के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की। मंडी वन वृत में पर्यावरण मंजूरी के लिए पोर्टल परिवेश 1.0 में 182 और परिवेश 2.0 में 78 मामलों सहित कुल 260 मामले लंबित हैं। उपायुक्त ने 111 मामलों की एक-एक कर समीक्षा की और विभागों को त्वरित निपटारे के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि पोर्टल से हट गए 159 मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी किए जाएंगे और इन मामलों को पुनः अपलोड करने के लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंडी वन वृत में कुल 182 मामले लंबित हैं, जिनमें से 51 को सैद्धांतिक अनुमति स्टेज-1 मिल चुकी है। 109 मामले यूजर एजेंसी द्वारा आवश्यक विवरण अपलोड न करने पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पोर्टल से हट गए हैं।परिवेश 2.0 में 78 मामलों में से 50 मामले इसी कारण हट चुके हैं।
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उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित मामलों के निपटारे के लिए टिप्पणियों पर कार्रवाई करें ताकि स्वीकृति प्राप्त हो सके। बैठक में डीएफओ (जिला मुख्यालय) अंबरीश शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिद्धार्थ सरपाल, डीएफओ मंडी वासु डोगर और नाचन एसएस कश्यप समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।