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Mandi News: डिजिटल एक्सरे मशीन के नहीं मिल रहे कलपुर्जे, विदेश से मंगाएगी रेडक्रॉस सोसायटी
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जोनल अस्पताल में सरकारी एक्सरे मशीन पर बढ़ा भार, कभी भी दे सकती है जबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जोनल अस्पताल में रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से लगाई आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीन डेढ़ माह से खराब है। आठ साल पुरानी इस मशीन के देश में अब स्पेयर पार्ट नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में रेडक्रॉस सोसायटी मशीन के खराब स्पेयर पार्ट को विदेशों से मंगवाने की तैयारी कर रही है। विदेशों से स्पेयर पार्ट कब आएंगे, इसका खुद सोसायटी को भी पता नहीं है। ऐसे में जोनल अस्पताल की सरकारी एक्सरे मशीन पर भार दोगुना हो गया है।
लोगों को एक्सरे के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है। कई मरीजों को जल्दबाजी में प्राइवेट क्लीनिक जाना पड़ रहा है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हवा हवाई हो रहे हैं और नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, रेडक्रॉस सोसायटी के पास इतना बजट नहीं है कि वह नई डिजिटल एक्सरे मशीन खरीद सके। नई मशीन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्चा आएगा। ऐसे में रेडक्रॉस सोसायटी पुरानी मशीन को ही ठीक करवाने का प्रयास कर रही है।
उधर, रेडक्रॉस सोसायटी की एक्सरे मशीन ठीक न होने से जोनल अस्पताल प्रबंधन की मुसीबतें भी बढ़ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी हाल ही में एक्सरे मशीन को ठीक करवाया गया था। ऐसे में भार बढ़ने से अब फिर से खतरा सताने लगा है। जोनल अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. धर्म चंद वर्मा ने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी की एक्सरे मशीन के खराब होने से सरकारी पर काफी भार बढ़ गया है। रोजाना दर्जनों मरीजों के एक्सरे किए जा रहे हैं।
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कोट्स
डिजिटल एक्सरे मशीन का स्पेयर पार्ट नहीं मिल रहा है। अब विदेशों से इंपोर्ट करने की तैयारी है। 10 दिन के भीतर मशीन को चालू करने की तैयारी है।
-ओपी भाटिया, सचिव, रेडक्रॉस सोसायटी मंडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जोनल अस्पताल में रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से लगाई आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीन डेढ़ माह से खराब है। आठ साल पुरानी इस मशीन के देश में अब स्पेयर पार्ट नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में रेडक्रॉस सोसायटी मशीन के खराब स्पेयर पार्ट को विदेशों से मंगवाने की तैयारी कर रही है। विदेशों से स्पेयर पार्ट कब आएंगे, इसका खुद सोसायटी को भी पता नहीं है। ऐसे में जोनल अस्पताल की सरकारी एक्सरे मशीन पर भार दोगुना हो गया है।
लोगों को एक्सरे के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है। कई मरीजों को जल्दबाजी में प्राइवेट क्लीनिक जाना पड़ रहा है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हवा हवाई हो रहे हैं और नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, रेडक्रॉस सोसायटी के पास इतना बजट नहीं है कि वह नई डिजिटल एक्सरे मशीन खरीद सके। नई मशीन पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्चा आएगा। ऐसे में रेडक्रॉस सोसायटी पुरानी मशीन को ही ठीक करवाने का प्रयास कर रही है।
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उधर, रेडक्रॉस सोसायटी की एक्सरे मशीन ठीक न होने से जोनल अस्पताल प्रबंधन की मुसीबतें भी बढ़ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी हाल ही में एक्सरे मशीन को ठीक करवाया गया था। ऐसे में भार बढ़ने से अब फिर से खतरा सताने लगा है। जोनल अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. धर्म चंद वर्मा ने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी की एक्सरे मशीन के खराब होने से सरकारी पर काफी भार बढ़ गया है। रोजाना दर्जनों मरीजों के एक्सरे किए जा रहे हैं।
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डिजिटल एक्सरे मशीन का स्पेयर पार्ट नहीं मिल रहा है। अब विदेशों से इंपोर्ट करने की तैयारी है। 10 दिन के भीतर मशीन को चालू करने की तैयारी है।
-ओपी भाटिया, सचिव, रेडक्रॉस सोसायटी मंडी