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Mandi News: महाशिवरात्रि के लिए सजने लगा पड्डल मैदान
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डोम, झूले और स्टॉल लगाने का काम जाेरों पर
फुटपाथ और सड़कों पर जा रहीं दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला मंडी के लिए ऐतिहासिक पड्डल स्थित मेला मैदान सजना शुरू हो गया है। मेले में एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के लिए प्रदर्शनी, अन्य साजो-सामान के लिए डोम, झूले व स्टॉल सहित अन्य दुकानों के लिए शेडों का निर्माण जोर-शोर से किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पहले ही छोटे कारोबारियों ने मेला मैदान के बाहर और आईटीआई से लेकर नए सुकेती पुल पर अपनी फड़ियां सजा दी हैं। बुधवार को पड्डल मेला मैदान के नए सुकेती पुल पर सामान बेच रहे राजस्थान से पहुंचे कारोबारी रविंद्र प्रसाद ने बताया कि वह हर बार मंडी में लगने वाले महाशिवरात्रि मेले में मोर पंख का कारोबार करने परिवार सहित पहुंचते हैं। हर बार यहां से अच्छी खासी कमाई कर लौटते हैं। दिल्ली के कुरुक्षेत्र निवासी बख्शी राम ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से मंडी महाशिवरात्रि मेले में टैटू कारोबार के लिए आ रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा की अपेक्षा हिमाचल में टैटू उकेरने के लिए युवाओं में खासा उत्साह रहता है। मेरठ निवासी भोला ने बताया कि वह अपने चाचा शिवराम के साथ करीब सात सालों से मंडी शिवरात्रि मेले में बांसुरी का कारोबार करने आ रहे हैं। हर बार अच्छी-खासी कमाई होती है। कारोबारियों का कहना है कि मंडी महाशिवरात्रि में हर बार दुकानों व रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए ठेकेदार को ज्यादा राशि देनी पड़ती है। शुरुआती दौर में कमाई न होने से उन्हें डर लगा रहता है कि उनका सामान बिकेगा या नहीं। उस पर कई बार मौसम की मार पड़ने से नुकसान भी झेलना पड़ता है। इन लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मेले में सजने वाली दुकानों के दाम में रियासत दी जाए।
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फुटपाथ और सड़कों पर जा रहीं दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला मंडी के लिए ऐतिहासिक पड्डल स्थित मेला मैदान सजना शुरू हो गया है। मेले में एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के लिए प्रदर्शनी, अन्य साजो-सामान के लिए डोम, झूले व स्टॉल सहित अन्य दुकानों के लिए शेडों का निर्माण जोर-शोर से किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पहले ही छोटे कारोबारियों ने मेला मैदान के बाहर और आईटीआई से लेकर नए सुकेती पुल पर अपनी फड़ियां सजा दी हैं। बुधवार को पड्डल मेला मैदान के नए सुकेती पुल पर सामान बेच रहे राजस्थान से पहुंचे कारोबारी रविंद्र प्रसाद ने बताया कि वह हर बार मंडी में लगने वाले महाशिवरात्रि मेले में मोर पंख का कारोबार करने परिवार सहित पहुंचते हैं। हर बार यहां से अच्छी खासी कमाई कर लौटते हैं। दिल्ली के कुरुक्षेत्र निवासी बख्शी राम ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से मंडी महाशिवरात्रि मेले में टैटू कारोबार के लिए आ रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा की अपेक्षा हिमाचल में टैटू उकेरने के लिए युवाओं में खासा उत्साह रहता है। मेरठ निवासी भोला ने बताया कि वह अपने चाचा शिवराम के साथ करीब सात सालों से मंडी शिवरात्रि मेले में बांसुरी का कारोबार करने आ रहे हैं। हर बार अच्छी-खासी कमाई होती है। कारोबारियों का कहना है कि मंडी महाशिवरात्रि में हर बार दुकानों व रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए ठेकेदार को ज्यादा राशि देनी पड़ती है। शुरुआती दौर में कमाई न होने से उन्हें डर लगा रहता है कि उनका सामान बिकेगा या नहीं। उस पर कई बार मौसम की मार पड़ने से नुकसान भी झेलना पड़ता है। इन लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मेले में सजने वाली दुकानों के दाम में रियासत दी जाए।