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Mandi News: बाईपास भूस्खलन का अधिकारियों और पार्षद ने किया निरीक्षण
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ठेकेदार को ड्रेनेज दुरुस्त करने और मलबा हटाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के सन्यारड़ वार्ड से गुजर रहे एनएच-003 कोटली-धर्मपुर-जालंधर निमार्णाधीन बाईपास से हुए भूस्खलन का बुधवार को अधिकारियों और स्थानीय पार्षद ने निरीक्षण किया। बारिश के कारण कैहनवाल के समीप सड़क का लगभग 400 मीटर डंगे में आई दरारें और 150 मीटर हिस्सा ढह गया है।
वहीं पहाड़ी से पत्थर और मलबा बान के जंगल के पेड़ों में अटक गया है, जिससे नीचे स्थित चार रिहायशी मकानों पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी कांता देवी, कैप्टन राठौर और पार्षद वीरेंद्र आर्य ने निर्माण में घटिया ड्रेनेज सिस्टम और ठेकेदार की लापरवाही को इस हादसे का मुख्य कारण बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तीन अधिकारियों और ठेकेदार ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चट्टानों को तोड़कर मलबा हटाने तथा ड्रेनेज सिस्टम को समय रहते दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। साथ ही आपात स्थिति के लिए ठेकेदार का नया संपर्क नंबर भी स्थानीय लोगों के साथ साझा किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के सन्यारड़ वार्ड से गुजर रहे एनएच-003 कोटली-धर्मपुर-जालंधर निमार्णाधीन बाईपास से हुए भूस्खलन का बुधवार को अधिकारियों और स्थानीय पार्षद ने निरीक्षण किया। बारिश के कारण कैहनवाल के समीप सड़क का लगभग 400 मीटर डंगे में आई दरारें और 150 मीटर हिस्सा ढह गया है।
वहीं पहाड़ी से पत्थर और मलबा बान के जंगल के पेड़ों में अटक गया है, जिससे नीचे स्थित चार रिहायशी मकानों पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी कांता देवी, कैप्टन राठौर और पार्षद वीरेंद्र आर्य ने निर्माण में घटिया ड्रेनेज सिस्टम और ठेकेदार की लापरवाही को इस हादसे का मुख्य कारण बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तीन अधिकारियों और ठेकेदार ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चट्टानों को तोड़कर मलबा हटाने तथा ड्रेनेज सिस्टम को समय रहते दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। साथ ही आपात स्थिति के लिए ठेकेदार का नया संपर्क नंबर भी स्थानीय लोगों के साथ साझा किया गया।
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