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Mandi News: अब जापान के शिटाके मशरूम की खेती से सशक्त होंगी महिलाएं

Thu, 14 Dec 2023 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:39 PM IST
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Now women will be empowered by the cultivation of Shiitake mushroom in Japan
सुंदरनगर के तकवाड़ गांव में स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनियों का अवलोकन करते भारत व श्रीलंका
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जाइका प्रोजेक्ट के तहत अब हिमाचल में महिलाएं जापान के शिटाके मशरूम की खेती कर अपनी आर्थिकी सुधारेंगी। जापान से प्रशिक्षण हासिल कर प्रदेश लौटी महिलाओं ने शिमला के रोहडू में इसकी खेती करना शुरू कर दी है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जाइका प्रोजेक्ट के तहत औषधीय गुणों से भरपूर जापान के इस मशरूम की खेती के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च होगा। जाइका प्रोजेक्ट के आउटलेट में यह शिटाके मशरूम भी मिल रहे हैं।हिमाचल के कृषि विश्वविद्यालयों में जापान के शिटाके मशरूम का उत्पादन शुरू हो गया है। इससे पहले महिलाएं मशरूम के अन्य उत्पादों से भी आत्मनिर्भर बन रही थीं। अब जापान के शिटाके मशरूम की खेती कर महिलाएं आमदनी को कई गुना बढ़ा रही हैं। हिमाचल में जाइका के मुख्य शोरूमों में शिटाके मशरूम की बिक्री शुरू हो गई है। उत्पादन को लेकर महिलाओं को जापान के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण भी मिलना शुरू हुआ है। हाल ही में जापान से आए दो सदस्यों ने जाइका प्रोजेक्ट के इस उत्पाद की खेती की जब समीक्षा की तो उन्होंने पैदावार को लेकर संतोष जताया।
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वनमंडलाधिकारी जोगेंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि में 50 ग्राम के आकर्षक पैक के दाम 200 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, जाइका प्रोजेक्ट के मुख्य परियोजना अधिकारी नागेश गुलेरिया ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालयों में जापान के शिटाके मशरूम का उत्पादन शुरू हो गया है। इसका फायदा सभी को मिलेगा।
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कैंसर रोगियों के लिए रामबाण है शिटाके मशरूम
हिमाचल में जाइका प्रोजेक्ट के तहत तैयार हो रहे शिटाके मशरूम कैंसर रोगियों के लिए रामबाण साबित हो रहा है। इसके सेवन से शरीर की रोगी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। सूखे मशरूम के तौर पर जाइका प्रोजेक्ट के मुख्य बाजारों में पहुंच रहे इस उत्पाद का सेवन जूस के तौर पर भी किया जा सकता है। जोगिंद्रनगर और जिला कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर में खुले जाइका प्रोजेक्ट के आउटलेट में इसे चार हजार रुपये प्रति किलो भी बेचा जा रहा है।
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