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पर्वत केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, आजीविका के आधार : चमन लाल
Thu, 11 Dec 2025 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:55 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस के उपलक्ष्य पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय प्रयोगशाला की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सुंदरनगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्षेत्रीय प्रयोगशाला के प्रभारी व वैज्ञानिक चमन लाल ठाकुर ने बताया कि पर्वत केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक नहीं बल्कि जल संसाधनों, जैव विविधता, जलवायु संतुलन और स्थानीय आजीविका के प्रमुख आधार हैं।
वह कार्यक्रम में विशेष अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य विजय चौधरी ने की, जबकि उप प्रधानाचार्य सीता राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान चमन लाल ने अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2025 की थीम पहाड़ों और उससे आगे पानी, भोजन और आजीविका के लिए ग्लेशियर मायने रखते हैं, पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में पर्वत संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने तकनीकी संस्थानों और युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तकनीशियन बनें। उन्होंने विद्यार्थियों को एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने, कचरा पृथक्करण अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
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वह कार्यक्रम में विशेष अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य विजय चौधरी ने की, जबकि उप प्रधानाचार्य सीता राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान चमन लाल ने अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस 2025 की थीम पहाड़ों और उससे आगे पानी, भोजन और आजीविका के लिए ग्लेशियर मायने रखते हैं, पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में पर्वत संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने तकनीकी संस्थानों और युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील तकनीशियन बनें। उन्होंने विद्यार्थियों को एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने, कचरा पृथक्करण अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
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