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स्वप्न में आकर शारदा सिमसा मां करती है मुराद पूरी
मंडी।
Updated Thu, 14 Apr 2016 05:55 PM IST
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लड़भड़ोल के सिमसा माता मंदिर में संतान प्राप्ति के लिए स्वप्न लेती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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लड़भड़ोल (मंडी)। संतान सुख की प्राप्ति के लिए आज भी हिमाचल के लड़भड़ोल के सिमस गांव में स्थित शारदा सिमसा मां के मंदिर में नवरात्रों के दौरान देशभर से हजारों महिलाएं पहुंचती हैं। सदियों से मां महिला श्रद्धालुओं की कामना को पूरा कर रही है।
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मान्यता है कि मां शारदा मंदिर से महिलाओं को खाली हाथ नहीं लौटाती। हालांकि जिन महिलाओं के नसीब में संतान सुख नहीं होता, उन्हें भी मां घरेलू कार्यों का आदेश देकर संकेत देती हैं कि उनके नसीब में यह सुख नहीं है। वीरवार को आठवें नवरात्रे के दिन संतानदात्री मां शारदा मंदिर में सैकड़ों दंपति संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे। मां शारदा सिमसा को संतानदात्री के रूप में जाना जाता है।
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संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं मंदिर में सोती है। जिसे धरना कहा जाता है। धरने में मां किसी भी रूप में स्वप्न में आकर महिला श्रद्धालुओं को फल के रूप संतान का आशीर्वाद देती हैं। महिलाओं को धरने से पहले मंदिर के साथ लगती बावड़ी के पानी से स्नान करना पड़ता है। स्नान के बाद महिलाएं मंदिर में धरने पर (सोने) जाती है। अगर किसी महिला के जीवन में संतान सुख नहीं होता तो मां उनको घर में जाकर काम करने का संकेत देती है। हालांकि इन श्रद्धालुओं को भी मां स्पष्ट रूप से मना नहीं करती है। यदि मां के आदेश के बाद भी कोई महिला फिर मंदिर में स्नान कर धरने पर जाती है तो महिला को चींटियां काटना शुरू कर देती हैं।
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हमेशा की तरह इस बार भी राजस्थान, मुंबई, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से महिलाएं मंदिर में पहुंची हैं। मंदिर के पुजारी विनोद कुमार ने कहा कि कामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में ढोल नगाड़ों के साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं। देश भर से हर साल मां के दर में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं, सिमस पंचायत के पूर्व प्रधान ने कहा कि नैला-गबैला सड़क की खराब हालत के कारण श्रद्धालुओं को जाम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से सड़क की हालत सुधारने की मांग की है।