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जेसीबी हादसा मामला : छह साल बाद आरोपी बरी
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मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी की अदालत ने छह साल पुराने जेसीबी दुर्घटना मामले में आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, जिसके चलते उसे आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयान अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं करते और चालक की लापरवाही का कोई ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है। सुनवाई के दौरान गवाहों ने अदालत में बताया कि वे दुर्घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने घटना होते हुए नहीं देखी, जिससे लापरवाही का आरोप सिद्ध नहीं हो सका।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बीते 4 जनवरी 2020 को मंडी जिले के कांढी क्षेत्र में बर्फ हटाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन अचानक पीछे की ओर जाकर नीचे नाले में गिर गई। हादसे में लोक निर्माण विभाग के बेलदार पुरुषोत्तम राम और राहगीर योगराज की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 5 जनवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया।
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जांच के दौरान वाहन जब्त किया गया, पोस्टमार्टम और मेकेनिकल जांच कराई गई तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। हालांकि सुनवाई के दौरान अभियोजन आरोपी की लापरवाही साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। संवाद
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयान अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं करते और चालक की लापरवाही का कोई ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है। सुनवाई के दौरान गवाहों ने अदालत में बताया कि वे दुर्घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने घटना होते हुए नहीं देखी, जिससे लापरवाही का आरोप सिद्ध नहीं हो सका।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार बीते 4 जनवरी 2020 को मंडी जिले के कांढी क्षेत्र में बर्फ हटाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन अचानक पीछे की ओर जाकर नीचे नाले में गिर गई। हादसे में लोक निर्माण विभाग के बेलदार पुरुषोत्तम राम और राहगीर योगराज की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 5 जनवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया।
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जांच के दौरान वाहन जब्त किया गया, पोस्टमार्टम और मेकेनिकल जांच कराई गई तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। हालांकि सुनवाई के दौरान अभियोजन आरोपी की लापरवाही साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। संवाद