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Mandi News: आईआईटी के छात्रों, कर्मचारियों को क्यूपीआर पद्धति सिखाई
Thu, 11 Sep 2025 06:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 11 Sep 2025 06:54 AM IST
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मंडी। छात्रों, संकाय और कर्मचारियों के भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आईआईटी मंडी व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर आईआईटी मंडी के मार्गदर्शन और परामर्श सेल ने क्यूपीआर इंडिया के सहयोग से आत्महत्या रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में छात्रों, संकाय और कर्मचारियों को क्यूपीआर पद्धति (प्रश्न पूछें, समझाएं और मदद के लिए मार्गदर्शन करें) सिखाई गई। इसका उद्देश्य लोग आत्महत्या के संकेत पहचान सकें। सही समय पर मदद कर सकें और जरूरतमंद व्यक्ति को पेशेवर सहायता से जोड़ सकें। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, मैनुअल और उपयोगी संसाधन दिए गए।
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि छात्रों का कल्याण आईआईटी मंडी में सर्वोच्च प्राथमिकता है। शैक्षणिक उत्कृष्टता भावनात्मक लचीलापन और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के साथ चलनी चाहिए।
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विभिन्न पहलों जैसे परामर्श सेवाओं और कल्याण पाठ्यक्रमों के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बहुस्तरीय ढांचा बना रहे हैं। शैक्षणिक और प्रशासनिक समुदाय के प्रमुख सदस्यों को सशक्त बनाकर, आईआईटी मंडी एक सहायक और आत्महत्या-मुक्त पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
बता दें कि बीते 26 जनवरी को आईआईटी मंडी परिसर की आवासीय कॉलोनी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से सबक लेते हुए अब संस्थान ने प्रशिक्षण दिया है।
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कार्यक्रम में छात्रों, संकाय और कर्मचारियों को क्यूपीआर पद्धति (प्रश्न पूछें, समझाएं और मदद के लिए मार्गदर्शन करें) सिखाई गई। इसका उद्देश्य लोग आत्महत्या के संकेत पहचान सकें। सही समय पर मदद कर सकें और जरूरतमंद व्यक्ति को पेशेवर सहायता से जोड़ सकें। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, मैनुअल और उपयोगी संसाधन दिए गए।
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आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि छात्रों का कल्याण आईआईटी मंडी में सर्वोच्च प्राथमिकता है। शैक्षणिक उत्कृष्टता भावनात्मक लचीलापन और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के साथ चलनी चाहिए।
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विभिन्न पहलों जैसे परामर्श सेवाओं और कल्याण पाठ्यक्रमों के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बहुस्तरीय ढांचा बना रहे हैं। शैक्षणिक और प्रशासनिक समुदाय के प्रमुख सदस्यों को सशक्त बनाकर, आईआईटी मंडी एक सहायक और आत्महत्या-मुक्त पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
बता दें कि बीते 26 जनवरी को आईआईटी मंडी परिसर की आवासीय कॉलोनी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से सबक लेते हुए अब संस्थान ने प्रशिक्षण दिया है।