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घर, डेयरी फार्म सब बह गया : परमानंद
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गोहर (मंडी)। उपमंडल गोहर के आपदा प्रभावितों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। कार्यवाहक एसडीएम स्मृतिका नेगी ने बताया कि ग्राम पंचायत बाड़ा, स्यांज और जलशक्ति विभाग के निरीक्षण कुटीर बाड़ा में 3 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। राहत शिविर ग्राम पंचायत बाड़ा में चार परिवारों के 16, निरीक्षण कुटीर बाड़ा में तीन परिवारों के 15 तथा ग्राम पंचायत स्यांज में तीन परिवारों के 14 सदस्य रह रहे हैं। राहत शिविरों में अब तक 55 राशन किट, 4 कंबल प्रदान किए गए हैं। इन शिविरों में रसोई घर का भी प्रावधान किया गया है।
विश्राम गृह बाड़ा के राहत शिविर में रह रहे परवाड़ा गांव के 40 वर्षीय परमानंद ने बताया कि वे गांव में ही डेयरी का कार्य करते थे। 30 जून रात्रि को हुई भारी बारिश और बाढ़ से उनका घर तथा डेयरी फार्म का नामोनिशान मिट गया। वह किसी तरह जान को जोखिम में डालते हुए इस त्रासदी से बच निकले। पंचायत घर बाड़ा के राहत शिविर में रह रहे गांव चीतल बुखारी के गुमान चंद ने बताया कि घर और पूरी भूमि बाढ़ में तबाह हो गई है। हम आपदा वाली रात जंगल में ठहरे।
जब मौसम थोड़ा ठीक हुआ तो हम वहां से निकले तथा पंचायत प्रधान से संपर्क किया। एसडीएम स्मृतिका नेगी ने बताया कि उपमंडल गोहर में अब तक लगभग 7 लाख रुपये की राहत राशि, 489 तिरपाल, 75 राशन किट तथा 45 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही क्रश चैरिटेबल ट्रस्ट, नेरचौक व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन एवं कामधेनु ऑपरेटर्स जैसी निजी संस्थाओं ने भी आपदा प्रभावितों के लिए राशन, कपड़े, खिलौने, बिस्तर तथा अन्य आवश्यक राहत कोष सामग्री प्रदान की गई है। संवाद
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विश्राम गृह बाड़ा के राहत शिविर में रह रहे परवाड़ा गांव के 40 वर्षीय परमानंद ने बताया कि वे गांव में ही डेयरी का कार्य करते थे। 30 जून रात्रि को हुई भारी बारिश और बाढ़ से उनका घर तथा डेयरी फार्म का नामोनिशान मिट गया। वह किसी तरह जान को जोखिम में डालते हुए इस त्रासदी से बच निकले। पंचायत घर बाड़ा के राहत शिविर में रह रहे गांव चीतल बुखारी के गुमान चंद ने बताया कि घर और पूरी भूमि बाढ़ में तबाह हो गई है। हम आपदा वाली रात जंगल में ठहरे।
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जब मौसम थोड़ा ठीक हुआ तो हम वहां से निकले तथा पंचायत प्रधान से संपर्क किया। एसडीएम स्मृतिका नेगी ने बताया कि उपमंडल गोहर में अब तक लगभग 7 लाख रुपये की राहत राशि, 489 तिरपाल, 75 राशन किट तथा 45 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही क्रश चैरिटेबल ट्रस्ट, नेरचौक व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन एवं कामधेनु ऑपरेटर्स जैसी निजी संस्थाओं ने भी आपदा प्रभावितों के लिए राशन, कपड़े, खिलौने, बिस्तर तथा अन्य आवश्यक राहत कोष सामग्री प्रदान की गई है। संवाद
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