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कूड़ा गाड़ी विवाद : विजिलेंस ने अतिरिक्त रिकॉर्ड के साथ निगम से मांगा स्पष्टीकरण
Sat, 05 Oct 2024 08:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 05 Oct 2024 08:29 AM IST
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मंडी। नगर निगम मंडी की कूड़ा-ढुलाई में लगी हाईटेक गाड़ियों के महंगे किराये को लेकर पार्षदों की शिकायतों के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए अब विजिलेंस ने नगर निगम मंडी से अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगा है। इसके अलावा पहले से लिए गए रिकॉर्ड में कुछ स्पष्टीकरण भी मांगा है। विजिलेंस इस मामले में गंभीरता से जांच पड़ताल कर तथ्य जुटाने में जुटी है।
पार्षदों ने आरोप लगाया था कि निगम ने बिना हाउस की अनुमति लिए महंगी दरों पर छोटी गाड़ियों को हायर किया है। इससे नगर निगम पर वित्तीय भार बढ़ रहा है, जो अनियमितता का संकेत है। पार्षदों का कहना है कि हाल ही में गाड़ियों से कचरा ढोने के लिए 8.50 लाख रुपये का खर्च हुआ है, जबकि पहले यह खर्च केवल 5.50 लाख रुपये था। उन्होंने इस मुद्दे को हाउस में उठाया, जिसके बाद हंगामा हुआ और विजिलेंस की जांच की मांग की गई। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह गाड़ियां गुपचुप तरीके से हायर की गई हैं, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस ने नगर निगम मंडी से अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगा है। इस दौरान प्रदेशभर के अन्य नगर निगमों की कूड़े की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। इससे नगर निगम मंडी में लगाई गई गाड़ियों के किराए का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि जांच में पुख्ता तथ्य जुटाने के लिए दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा। इसके तहत कचरा ढोने के लिए गाड़ी हायर करने के नियमों को भी देखा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और पारदर्शी हैं।
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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मंडी (विजिलेंस) के डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने कहा मामले में नियमानुसार जांच पड़ताल की जा रही है। कुछ जरूरी दस्तावेज नगर निगम मंडी से मांगे गए हैं।
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पार्षदों ने आरोप लगाया था कि निगम ने बिना हाउस की अनुमति लिए महंगी दरों पर छोटी गाड़ियों को हायर किया है। इससे नगर निगम पर वित्तीय भार बढ़ रहा है, जो अनियमितता का संकेत है। पार्षदों का कहना है कि हाल ही में गाड़ियों से कचरा ढोने के लिए 8.50 लाख रुपये का खर्च हुआ है, जबकि पहले यह खर्च केवल 5.50 लाख रुपये था। उन्होंने इस मुद्दे को हाउस में उठाया, जिसके बाद हंगामा हुआ और विजिलेंस की जांच की मांग की गई। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह गाड़ियां गुपचुप तरीके से हायर की गई हैं, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
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जांच को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस ने नगर निगम मंडी से अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगा है। इस दौरान प्रदेशभर के अन्य नगर निगमों की कूड़े की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। इससे नगर निगम मंडी में लगाई गई गाड़ियों के किराए का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि जांच में पुख्ता तथ्य जुटाने के लिए दस्तावेजों का अध्ययन किया जाएगा। इसके तहत कचरा ढोने के लिए गाड़ी हायर करने के नियमों को भी देखा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और पारदर्शी हैं।
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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मंडी (विजिलेंस) के डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने कहा मामले में नियमानुसार जांच पड़ताल की जा रही है। कुछ जरूरी दस्तावेज नगर निगम मंडी से मांगे गए हैं।