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Mandi News: किसानों के प्रशिक्षण का सपना अधूरा, दो साल से केंद्र का काम बंद .

Fri, 17 Jul 2026 12:55 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:55 AM IST
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Farmers' training dream remains unfulfilled; work on the center has been stalled for two years.
8.50 करोड़ के किसान प्रशिक्षण केंद्र को साढ़े तीन करोड़ की दरकार
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भुगतान न मिलने से दो साल से बंद पड़ा निर्माण कार्य, ठेकेदार ने रोकी मशीनें
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय में करीब 8.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन किसान प्रशिक्षण केंद्र पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। ठेकेदार को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण निर्माण कार्य बंद है। वहीं, भवन को पूरा करने के लिए अभी करीब दो करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है। धन की कमी के चलते परियोजना का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
किसान प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य करीब चार वर्ष पहले शुरू हुआ था। कृषि विभाग की ओर से अब तक करीब पांच करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। शेष राशि उपलब्ध न होने के कारण लोक निर्माण विभाग आगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पा रहा है। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदार ने भी दो वर्ष पहले काम बंद कर दिया था। बकाया भुगतान के लिए ठेकेदार ने न्यायालय का रुख किया था। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को छह सप्ताह के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश के बावजूद अब तक राशि जारी नहीं हो सकी है। ऐसे में ठेकेदार ने स्पष्ट कर दिया है कि लंबित भुगतान मिलने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा प्रशिक्षण केंद्र
किसान प्रशिक्षण केंद्र तैयार होने के बाद किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एक ही परिसर में मिल सकेगा। यहां कॉन्फ्रेंस रूम, आवास, भोजन व्यवस्था सहित प्रशिक्षण से जुड़ी अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रदेश के किसानों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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कोट्स
कृषि विभाग से पैसा नहीं मिल रहा है तो निर्माण कार्य कैसे आगे बढ़ेगा। ठेकेदार को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है और भवन को पूरा करने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की और आवश्यकता है। कृषि विभाग से बकाया राशि मिलते ही निर्माण कार्य पूरा कराया जा सकता है। -रोशन ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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