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Mandi News: बूढ़ा केदार जाते रास्ता भटका परिवार, गुफा में गुजारी सारी रात

Fri, 24 Oct 2025 11:32 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:32 PM IST
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Family lost their way on their way to Old Kedarnath, spent the entire night in a cave
शिकारी देवी में रास्ता भटकने के बाद बचाव व राहत दल के साथ परिवार के सदस्य । स्त्रोत प्रशासन
थुनाग (मंडी)। शिकारी माता मंदिर से बूढ़ा केदार के लिए निकला श्रद्धालुओं का एक परिवार वीरवार शाम करीब 5:00 बजे रास्ता भटक गया। परिवार में दो बच्चों समेत नौ सदस्य थे। धुंध और बारिश के कारण परिवार रास्ता भटक गया। परिवार ने एक गुफा में शरण ली लेकिन पूरी रात ठंड में गुजारी।
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13-14 घंटे के बाद शुक्रवार सुबह जंगल की एक गुफा में सभी सुरक्षित मिले। एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम ने रातभर चले सर्च ऑपरेशन से उन्हें बचा लिया। परिवार सुबह करीब 6:30 बजे मिला। मौके पर प्राथमिक उपचार, गर्म भोजन और पानी मुहैया कराया गया, जिसके बाद सभी को घर भेज दिया गया।
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बल्ह तहसील के डडौर का रहने वाला परिवार शिकारी देवी घूमने गया था। जंजैहली में एक होम स्टे पर ठहरा हुआ था। इसमें सेवानिवृत्त प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार, उनकी पत्नी विद्या देवी, बेटा जगमोहन, बहू शिवानी, पोता निकुंज (2 वर्ष), बेटी रश्मि, दामाद हरीश, दोहता अयांश (3 वर्ष) और जंजैहली की स्थानीय युवती आरती शामिल थी। आरती पैदल रास्तों की अच्छी जानकार थीं। वीरवार को परिवार ने शिकारी देवी के दर्शन किए। वापसी में जंगल के पैदल रास्ते से बूढ़ा केदार जाने का फैसला किया लेकिन अचानक बारिश शुरू हो गई और घना कोहरा छा गया। रास्ता भटकते हुए शाम पांच बजे राजेंद्र कुमार ने होम स्टे मालिक को फोन कर भटकने की जानकारी दी। इसके तुरंत बाद फोन आउट ऑफ रेंज हो गया। होम स्टे संचालक ने देर शाम तक इंतजार किया और फिर स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीण तुरंत बूढ़ा केदार की ओर खोजबीन के लिए रवाना हो गए। जंजैहली थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ को जंजैहली में तैनात किया गया, जबकि प्रशासन ने मंडी से क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) भेजी। राजेंद्र कुमार के मोबाइल की लोकेशन ब्रेयोगी उपतहसील छतरी की ओर दिख रही थी।
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इधर, भटके परिवार ने रात ठंड में बिना आग के गुजारी। सुबह करीब छह बजे वे बूढ़ा केदार जंगल के दूसरी ओर एक नाले तक पहुंचे। उनके पास मोबाइल सिग्नल नहीं था। सुबह स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा और तुरंत प्रशासन को सूचित किया। सुबह 6:30 बजे सभी नौ व्यक्ति 4 पुरुष, 3 महिलाएं और 2 बच्चे सुरक्षित मिले।

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सभी को सुरक्षित बचा लिया गया और प्राथमिक जांच के बाद घर भेजा गया। चेतावनी दी कि मानसून की भारी आपदा से शिकारी देवी के जंगली रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे धुंध में भटकने का खतरा बढ़ गया है। श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और हमेशा गाइड साथ लेने का आग्रह किया
-मनु वर्मा, एसडीएम थुनाग
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