{"_id":"672b87fc9a3c4d97870feef6","slug":"electricity-is-not-available-solar-panels-worth-lakhs-are-gathering-dust-on-panchayat-buildings-mandi-news-c-90-1-ssml1025-139523-2024-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: बिजली बनी नहीं, पंचायत भवनों पर धूल फांक रहे लाखों के सोलर पैनल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: बिजली बनी नहीं, पंचायत भवनों पर धूल फांक रहे लाखों के सोलर पैनल
Thu, 07 Nov 2024 08:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 07 Nov 2024 08:43 AM IST
विज्ञापन
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए सोलर ऊर्जा पर जोर दे रही है। मगर विभागीय लापरवाही के कारण इस दिशा में किए गए प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की करीब आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के भवनों पर हिमऊर्जा विभाग की ओर से वर्ष 2019-20 में लगाए गए सोलर पैनल शोपीस बनकर रह गए हैं।
इन सोलर पैनल को लगाने के बाद हिमऊर्जा विभाग ने इनकी कोई सुध नहीं ली। पंचायतों अभी भी स्ट्रीट लाइटों सहित अन्य बिजली कनेक्शनों के बदले में 15 से 20 हजार रुपये बिल भर रही हैं। समौड़ पंचायत के प्रधान प्रताप सकलानी, धर्मपुर प्रधान ज्योति देवी, बहरी प्रधान पूजा, भरौरी की नीता आदि ने कहा कि कई बार विभाग को इन सोलर पैनल को सुचारू रूप से चलाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी भी कोई कमद नहीं उठाए गए हैं। पंचायत अभी भी बिजली का बिल भर रही हैं।
समौड़ पंचायत के प्रधान प्रताप सकलानी ने कहा कि पंचायतों ने इन सोलर पैनल को लगाने के लिए विभाग को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए गए हैं। मगर इन्हें लगाने के बाद विभाग की ओर से कोई गौर नहीं किया गया। इससे पंचायतों को भारी नुकसान हुआ है। प्रधानों ने कहा कि सरकार ऐसी योजनाएं क्यों लाती है, जिसका कोई देखभाल करने वाला ही न हो। उन्होंने सरकार से अपील की है कि प्रदेश भर की पंचायतों में लगाए गए इन सोलर पैनल की जानकारी लेकर हिमऊर्जा विभाग से इन्हें दोबारा सुचारू ढंग से शुरू करवाया जाए।
विज्ञापन
सोलर पैनल के खराब होने का मामला किसी ने ध्यान में नहीं लाया है, न ही पंचायतों की ओर से इस संबंध में किसी तरह की सूचना अथवा जानकारी दी गई है। मीडिया के माध्यम से मामला ध्यान में आया है। इस पर शीघ्र कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और सोलर प्लांटों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
-कपिल मेहता, परियोजना अधिकारी, हिम ऊर्जा विभाग मंडी
विज्ञापन
इन सोलर पैनल को लगाने के बाद हिमऊर्जा विभाग ने इनकी कोई सुध नहीं ली। पंचायतों अभी भी स्ट्रीट लाइटों सहित अन्य बिजली कनेक्शनों के बदले में 15 से 20 हजार रुपये बिल भर रही हैं। समौड़ पंचायत के प्रधान प्रताप सकलानी, धर्मपुर प्रधान ज्योति देवी, बहरी प्रधान पूजा, भरौरी की नीता आदि ने कहा कि कई बार विभाग को इन सोलर पैनल को सुचारू रूप से चलाने के लिए कहा गया, लेकिन अभी भी कोई कमद नहीं उठाए गए हैं। पंचायत अभी भी बिजली का बिल भर रही हैं।
विज्ञापन
समौड़ पंचायत के प्रधान प्रताप सकलानी ने कहा कि पंचायतों ने इन सोलर पैनल को लगाने के लिए विभाग को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए गए हैं। मगर इन्हें लगाने के बाद विभाग की ओर से कोई गौर नहीं किया गया। इससे पंचायतों को भारी नुकसान हुआ है। प्रधानों ने कहा कि सरकार ऐसी योजनाएं क्यों लाती है, जिसका कोई देखभाल करने वाला ही न हो। उन्होंने सरकार से अपील की है कि प्रदेश भर की पंचायतों में लगाए गए इन सोलर पैनल की जानकारी लेकर हिमऊर्जा विभाग से इन्हें दोबारा सुचारू ढंग से शुरू करवाया जाए।
विज्ञापन
सोलर पैनल के खराब होने का मामला किसी ने ध्यान में नहीं लाया है, न ही पंचायतों की ओर से इस संबंध में किसी तरह की सूचना अथवा जानकारी दी गई है। मीडिया के माध्यम से मामला ध्यान में आया है। इस पर शीघ्र कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और सोलर प्लांटों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
-कपिल मेहता, परियोजना अधिकारी, हिम ऊर्जा विभाग मंडी