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Mandi News: स्कूल बाजार में खोदाई करते गिरा बिजली का पोल, आधे शहर में 6 घंटे बंद रही बिजली
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स्कूल बाजार के पास कांप्लेक्स के डंगे को लेकर की जा रही खुदाई के चलते गिरा बिजली का पोल। संवाद
ठेकेदार का आरोप : डेढ़ माह पहले पोल को हटाने के लिए बोर्ड के पास जमा करवाए थे पैसे
बिजली बोर्ड का जबाव- आचार संहिता के चलते काम अवार्ड करने के लिए मांगा था समय
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्कूल बाजार में बन रहे कांप्लेक्स के डंगे के लिए की जा रही खोदाई के दौरान रविवार दोपहर मलबे के साथ एक बजे बिजली का पोल गिर गया। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बिजली ऑन थी। ऐसे में बिजली के तार के आपस में टकराने से हुए धमाके के बाद आसपास के दुकानदार सहम गए।
पोल गिरने से तार कांप्लेक्स के कार्य के लिए रखे सरिये से लटक गए। गनीमत यह रही कि हादसे के समय कोई मजदूर आसपास नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे को लेकर बिजली बोर्ड और ठेकेदार दोनों की लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार के अनुसार बिजली का पोल हटाने के लिए बोर्ड के पास डेढ़ माह पहले पैसे भी जमा करवाए थे। लगातार उनसे बिजली का पोल हटाने की गुहार लगाई जा रही थी।
बोर्ड के अधिकारी आचार संहिता और कर्मचारी न होने की बात कहकर इसे लटका रहे थे। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो उन्होंने आचार संहिता के चलते ठेकेदार को कुछ समय के लिए काम रोकने को कहा था। उधर, हादसे के बाद करीब आधे शहर में दोपहर से लेकर शाम तक बिजली बाधित रही। रविवार को छुट्टी के चलते लोगों को घरों में गर्मी से भी परेशान भी होना पड़ा। वहीं, बोर्ड के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और बिजली आपूर्ति के लिए कार्य शुरू कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि शाम तक बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। यहां पर बिजली के तीन नए पोल लगाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने गड्ढे खुदवाना शुरू कर दिए हैं।
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काम को लेकर उठने लगे सवाल
1. डंगा लगाने के लिए खोदाई की जा रही थी तो बिजली आपूर्ति बंद क्यों नहीं करवाई गई?
2. बोर्ड और ठेकेदार दोनों का पता था कि बारिश हुई तो बिजली का पोल गिर सकता है, इसके बावजूद कार्य क्यों जारी रखा ?
कोट्स
- ठेकेदार की ओर से पोल हटाने का पत्र आया था। आचार संहिता के चलते काम अवार्ड करने में देरी हो रही थी। बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए हादसे के बाद कार्य शुरू कर दिया है। शाम तक शहर में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश है। यहां पर अब तीन नए पोल लगाए जाएंगे। इसके लिए गड्ढे खोदने का कार्य शुरू कर दिया है। - नरेश ठाकुर, एसडीओ, बिजली बोर्ड मंडी
कोट्स
बिजली का पोल हटाने के लिए डेढ़ माह पहले बोर्ड के पास पैसे भी जमा करवा दिए थे। 10 दिन से लगातार पोल को हटाने की मांग की जा रही थी। लेकिन बोर्ड ने आचार संहिता बताकर मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। पिछले 2 दिनों से बारिश के चलते बिजली बोर्ड से लगातार फोन कर गुहार लगाई जा रही थी। इसके चलते अपनी सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। - दिनेश शर्मा, ठेकेदार
विधानसभा चौकीदार का पेपर देने आए प्रशिक्षु भी हुए परेशान
मंडी। रविवार को स्कूल बाजार के साथ बाल स्कूल में विधानसभा चौकीदार के लिए पेपर लिया जा रहा था। कुल 200 अभ्यर्थियों में से 97 पेपर में बैठे थे जबकि 103 नरारद रहे। पेपर 2 बजे खत्म होना था लेकिन उससे पहले एक बजे ही बिजली गुल हो गई। ऐसे में परीक्षा हाल में बैठे प्रशिक्षुओं को भी परेशानी हुई। वहीं स्कूल स्टाफ गर्मी में बिना लाइट के कमरों में बैठा रहा।
ट्रैफिक भी हुआ प्रभावित, बारिश ने बढ़ाई दिक्कतें
स्कूल बाजार में बिजली का पोल गिरने के बाद ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। हाईवे की चौड़ाई भी कम हो गई है। कच्ची मिट्टी होने के चलते नीचे से धंस रहे डंगे ने प्रशासन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश से लगातार मिट्टी धंस रही है। ऐसे में अगर बरसात से पहले डंगा नहीं लगा तो आने वाले दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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बिजली बोर्ड का जबाव- आचार संहिता के चलते काम अवार्ड करने के लिए मांगा था समय
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्कूल बाजार में बन रहे कांप्लेक्स के डंगे के लिए की जा रही खोदाई के दौरान रविवार दोपहर मलबे के साथ एक बजे बिजली का पोल गिर गया। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बिजली ऑन थी। ऐसे में बिजली के तार के आपस में टकराने से हुए धमाके के बाद आसपास के दुकानदार सहम गए।
पोल गिरने से तार कांप्लेक्स के कार्य के लिए रखे सरिये से लटक गए। गनीमत यह रही कि हादसे के समय कोई मजदूर आसपास नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे को लेकर बिजली बोर्ड और ठेकेदार दोनों की लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार के अनुसार बिजली का पोल हटाने के लिए बोर्ड के पास डेढ़ माह पहले पैसे भी जमा करवाए थे। लगातार उनसे बिजली का पोल हटाने की गुहार लगाई जा रही थी।
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बोर्ड के अधिकारी आचार संहिता और कर्मचारी न होने की बात कहकर इसे लटका रहे थे। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो उन्होंने आचार संहिता के चलते ठेकेदार को कुछ समय के लिए काम रोकने को कहा था। उधर, हादसे के बाद करीब आधे शहर में दोपहर से लेकर शाम तक बिजली बाधित रही। रविवार को छुट्टी के चलते लोगों को घरों में गर्मी से भी परेशान भी होना पड़ा। वहीं, बोर्ड के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और बिजली आपूर्ति के लिए कार्य शुरू कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि शाम तक बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। यहां पर बिजली के तीन नए पोल लगाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने गड्ढे खुदवाना शुरू कर दिए हैं।
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काम को लेकर उठने लगे सवाल
1. डंगा लगाने के लिए खोदाई की जा रही थी तो बिजली आपूर्ति बंद क्यों नहीं करवाई गई?
2. बोर्ड और ठेकेदार दोनों का पता था कि बारिश हुई तो बिजली का पोल गिर सकता है, इसके बावजूद कार्य क्यों जारी रखा ?
कोट्स
- ठेकेदार की ओर से पोल हटाने का पत्र आया था। आचार संहिता के चलते काम अवार्ड करने में देरी हो रही थी। बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए हादसे के बाद कार्य शुरू कर दिया है। शाम तक शहर में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश है। यहां पर अब तीन नए पोल लगाए जाएंगे। इसके लिए गड्ढे खोदने का कार्य शुरू कर दिया है। - नरेश ठाकुर, एसडीओ, बिजली बोर्ड मंडी
कोट्स
बिजली का पोल हटाने के लिए डेढ़ माह पहले बोर्ड के पास पैसे भी जमा करवा दिए थे। 10 दिन से लगातार पोल को हटाने की मांग की जा रही थी। लेकिन बोर्ड ने आचार संहिता बताकर मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। पिछले 2 दिनों से बारिश के चलते बिजली बोर्ड से लगातार फोन कर गुहार लगाई जा रही थी। इसके चलते अपनी सिक्योरिटी को अलर्ट कर दिया था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। - दिनेश शर्मा, ठेकेदार
विधानसभा चौकीदार का पेपर देने आए प्रशिक्षु भी हुए परेशान
मंडी। रविवार को स्कूल बाजार के साथ बाल स्कूल में विधानसभा चौकीदार के लिए पेपर लिया जा रहा था। कुल 200 अभ्यर्थियों में से 97 पेपर में बैठे थे जबकि 103 नरारद रहे। पेपर 2 बजे खत्म होना था लेकिन उससे पहले एक बजे ही बिजली गुल हो गई। ऐसे में परीक्षा हाल में बैठे प्रशिक्षुओं को भी परेशानी हुई। वहीं स्कूल स्टाफ गर्मी में बिना लाइट के कमरों में बैठा रहा।
ट्रैफिक भी हुआ प्रभावित, बारिश ने बढ़ाई दिक्कतें
स्कूल बाजार में बिजली का पोल गिरने के बाद ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। हाईवे की चौड़ाई भी कम हो गई है। कच्ची मिट्टी होने के चलते नीचे से धंस रहे डंगे ने प्रशासन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश से लगातार मिट्टी धंस रही है। ऐसे में अगर बरसात से पहले डंगा नहीं लगा तो आने वाले दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

स्कूल बाजार के पास कांप्लेक्स के डंगे को लेकर की जा रही खुदाई के चलते गिरा बिजली का पोल। संवाद