फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Dev Parashar Rishi will reach Raj Behad on 15th with 400 devotees.

Mandi News: राज बेहड़े में 400 देवलुओं के साथ 15 को पहुंचेंगे देव पराशर ऋषि

Fri, 13 Feb 2026 12:36 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
Dev Parashar Rishi will reach Raj Behad on 15th with 400 devotees.
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए देव ऋषि पराशर 13 फरवरी सुबह आठ बजे अपने मूल भंडार (कोठी) बांधी से पैदल रवाना होंगे। देव ऋषि पराशर का रास्ते में श्रद्धालुओं के घर पहला ठहराव बरोण गांव हणोगी में होगा। 14 फरवरी को दूसरा ठहराव पंडोह और 15 फरवरी को अपने 400 देवलुओं के साथ मंडी में राज बेहड़े में पहुंचेंगे। मंडी पहुंचने पर देवता का स्वागत गुरुद्वारा के पास राज देवता माधो राय की छड़ी से किया जाएगा।
विज्ञापन


देव ऋषि पराशर राज देवता के साथ भव्य मिलन कर राज बेहड़े में विराजमान रहेंगे। अकूत संपत्ति के मालिक देव पराशर ऋषि मंडी राजघराने के कुल देवता होने के कारण उन्हें आशीर्वाद देते हैं। राजघराने का कुल देवता होने के कारण ऋषि पराशर की मंडी महाशिवरात्रि में महत्वपूर्ण भूमिका है।
विज्ञापन

.....

21 को रूपेश्वरी बेहड़े में होगी जाग
महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान रूपेश्वरी बेहड़े में होने वाली पराशर ऋषि की जाग 21 फरवरी को शाम करीब 7 बजे आयोजित होगी। मेले के दौरान हर वर्ष जाग का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि में ऋषि पराशर जाग की अनूठी प्राचीन परंपरा का आज भी बखूबी निर्वहन किया जाता है। ऋषि पराशर का गूर खेलकर जाग के कुंड में आहुति देते हैं। इसके बाद ऋषि शुकदेव का गूर खेलता है और उसके बाद अलग-अलग देवी-देवताओं के गूर भी अपने-अपने क्रमानुसार खेलते हैं। इस परंपरा का आयोजन रियासत काल से चला आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

....

पैगोड़ा शैली में है मंदिर का निर्माण
देव पराशर ऋषि का मंदिर मंडी शहर से लगभग 45 किलोमीटर दूर उत्तर में 2,730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह स्थान ऋषि पराशर की तपस्थली माना जाता है, जहां 13वीं-14वीं शताब्दी में राजा बाणसेन की ओर से निर्मित पैगोड़ा शैली का मंदिर है। यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, द्वीप और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर में देवता की झील अपनी ओर आकर्षित करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed