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Mandi News: रुड़की में रेलवे लाइन पर मिला कटौला के सूरजमणि का शव
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मां की अस्थियां बहाने गया था हरिद्वार, हो गया था लापता
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, सिर पर चोट और हाथ-पांव टूटे
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। कटौला क्षेत्र के कमांद निवासी सूरजमणि का शव हरिद्वार में रुड़की रेलवे लाइन से बरामद हुआ है। सूरजमणि 23 जून से कुशाघाट हरिद्वार से लापता हो गया था। सूरजमणि अपनी मां की अस्थियां को लेकर हरिद्वार गया था। परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है।
सूरजमणि के साथ गए भाई तेजराम, बहन पूर्वी, भांजा नीलमणी और भाई तेजराम का कहना है कि वे सभी 23 जून को हरिद्वार से वापस आने की तैयारी में थे तो कुशाघाट क्षेत्र में वे दुकानों में सामान ले रहे थे। ऐसे में सूरजमणि उनसे पीछे छूट गया और वे आगे निकल गए थे, लेकिन जब उन्होंने पीछे देखा कि उनका भाई नहीं है तो वे लोग उसको ढूंढने पीछे चले गए। काफी देर तलाश करने के बावजूद उनको वह नहीं मिला। तब नीलमणी और तेजराम वहीं रुके रहे, ताकि भाई सूरजमणि को ढूंढकर घर साथ ले जा सकें। दूसरी समस्या यह भी रही कि सूरजमणि के पास कोई भी संपर्क या फोन नहीं था। इस कारण उन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल हो गया था। भाई तेजराम और नीलमणि ने सूरजमणि को जगह-जगह तलाश करने की कोशिश की, लेकिन सूरजमणि का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद इसकी रिपोर्ट पुलिस में भी थी गई, लेकिन अब दस दिन बाद शव बरामद हुआ। शव में सिर पर चोट के निशान हैं, जबकि हाथ पांव टूटे हुए हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी ने सूरजमणि से लूट के इरादे से उसकी हत्या कर दी है। परिजनों ने प्रदेश सरकार के मुखिया सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि इस मामले को उत्तराखंड सरकार के साथ उठाया जाए, ताकि फिर किसी हिमाचली के साथ हरिद्वार में ऐसा कुछ न हो।
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परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, सिर पर चोट और हाथ-पांव टूटे
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। कटौला क्षेत्र के कमांद निवासी सूरजमणि का शव हरिद्वार में रुड़की रेलवे लाइन से बरामद हुआ है। सूरजमणि 23 जून से कुशाघाट हरिद्वार से लापता हो गया था। सूरजमणि अपनी मां की अस्थियां को लेकर हरिद्वार गया था। परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है।
सूरजमणि के साथ गए भाई तेजराम, बहन पूर्वी, भांजा नीलमणी और भाई तेजराम का कहना है कि वे सभी 23 जून को हरिद्वार से वापस आने की तैयारी में थे तो कुशाघाट क्षेत्र में वे दुकानों में सामान ले रहे थे। ऐसे में सूरजमणि उनसे पीछे छूट गया और वे आगे निकल गए थे, लेकिन जब उन्होंने पीछे देखा कि उनका भाई नहीं है तो वे लोग उसको ढूंढने पीछे चले गए। काफी देर तलाश करने के बावजूद उनको वह नहीं मिला। तब नीलमणी और तेजराम वहीं रुके रहे, ताकि भाई सूरजमणि को ढूंढकर घर साथ ले जा सकें। दूसरी समस्या यह भी रही कि सूरजमणि के पास कोई भी संपर्क या फोन नहीं था। इस कारण उन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल हो गया था। भाई तेजराम और नीलमणि ने सूरजमणि को जगह-जगह तलाश करने की कोशिश की, लेकिन सूरजमणि का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद इसकी रिपोर्ट पुलिस में भी थी गई, लेकिन अब दस दिन बाद शव बरामद हुआ। शव में सिर पर चोट के निशान हैं, जबकि हाथ पांव टूटे हुए हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी ने सूरजमणि से लूट के इरादे से उसकी हत्या कर दी है। परिजनों ने प्रदेश सरकार के मुखिया सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि इस मामले को उत्तराखंड सरकार के साथ उठाया जाए, ताकि फिर किसी हिमाचली के साथ हरिद्वार में ऐसा कुछ न हो।
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