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Mandi News: माकपा ने किसानों-बागवानों के आंदोलन को दिया समर्थन
Thu, 27 Mar 2025 08:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 27 Mar 2025 08:18 AM IST
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मंडी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की जिला कमेटी की आयोजित बैठक में मौजूद सदस्य व पदा्धिक
मंडी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला इकाई की बैठक मंडी में हुई। बैठक में किसानों की जमीन से बेदखली, तारबंदी, भूमि अधिग्रहण और आपदा राहत जैसे मुद्दों पर किसानों और बागवानों के आंदोलन का समर्थन किया गया।
पार्टी ने 28 अप्रैल को जिला मंडी में सात स्थानों पर होने वाले किसानों के प्रदर्शनों में भी पूरा सहयोग देने की घोषणा की। इसके अलावा, 20 मई को प्रस्तावित अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन हड़ताल को भी समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि मंडी जिले में सड़कें बदहाल हैं। बसों की भारी कमी है, कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा रहा है। अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ की कमी है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि माकपा इन सभी मुद्दों पर जनता को जागरूक करने और आंदोलन चलाने के लिए कमर कस चुकी है।
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केंद्रीय कमेटी सदस्य ओंकार शाद ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और कांग्रेस सरकार भी नव-उदारवादी नीतियों को लागू कर रही है। इससे बेरोजगारी, महंगाई और भूखमरी बढ़ रही है, जबकि सेवाओं का निजीकरण कर टैक्स बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा और वित्तीय सहायता बंद कर दी है।
माकपा ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले दी गई 10 गारंटियों को लागू करने में कांग्रेस सरकार विफल रही है। पार्टी ने मांग की कि हर किसान की पांच बीघा भूमि को नियमित किया जाए।
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पार्टी ने 28 अप्रैल को जिला मंडी में सात स्थानों पर होने वाले किसानों के प्रदर्शनों में भी पूरा सहयोग देने की घोषणा की। इसके अलावा, 20 मई को प्रस्तावित अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन हड़ताल को भी समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
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जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि मंडी जिले में सड़कें बदहाल हैं। बसों की भारी कमी है, कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा रहा है। अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ की कमी है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि माकपा इन सभी मुद्दों पर जनता को जागरूक करने और आंदोलन चलाने के लिए कमर कस चुकी है।
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केंद्रीय कमेटी सदस्य ओंकार शाद ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और कांग्रेस सरकार भी नव-उदारवादी नीतियों को लागू कर रही है। इससे बेरोजगारी, महंगाई और भूखमरी बढ़ रही है, जबकि सेवाओं का निजीकरण कर टैक्स बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा और वित्तीय सहायता बंद कर दी है।
माकपा ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले दी गई 10 गारंटियों को लागू करने में कांग्रेस सरकार विफल रही है। पार्टी ने मांग की कि हर किसान की पांच बीघा भूमि को नियमित किया जाए।