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महंगाई, बेरोजगारी पर माकपा का धरना
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मंडी के सेरी मंच पर माकपा के कार्यकर्ता महंगाई को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : Mandi
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मंडी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की सदर लोकल कमेटी ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सेरी मंच में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी को कम करने की मांग उठाई।
माकपा ने सरकार से बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, सभी युवाओं को स्थायी रोजगार देने, सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण न करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और सभी को 35 किलो अनाज सस्ते दामों में देने की मांग उठाई।
इस दौरान माकपा कमेटी सचिव सुरेश सरवाल ने कहा कि देश में 2014 के चुनावों से पहले मौजूदा सरकार नारा दे रही थी कि महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार, मगर यह सरकार लगातार पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी कर रही है। 2014 में जो रसोई गैस सिलिंडर 410 रुपये में मिलता था आज वहीं सिलिंडर एक हजार रुपये में मिल रहा है।
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करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में घूम रहे हैं, कोई भी नौकरी आज सरकार देने में असमर्थ है। आउटसोर्स और ठेके पर नौकरियां दी जा रही हैं जो युवाओं के साथ खिलवाड़ है।
माकपा ने कहा कि सरकारी क्षेत्र को निजी हाथों में न देकर उसमें अधिक खर्च कर नौकरियों का बंदोबस्त किया जाए। बेतहाशा महंगाई बढ़ी है, इसे भी दूर किया जाए।
आज आम जनमानस का जीवन यापन बड़ी मुश्किल में पड़ चुका है क्योंकि पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी में बीते, इसमें लोगों की नौकरियां चली गईं। ऊपर से महंगाई, ऐसे में भुखमरी की नौबत पैदा हो जाएगी। इस अवसर पर रमेश गुलेरिया, वीना वैद्य, सुरेंद्र कुमार, अजय वैद्य, सीमा, रीना, वेद, अनिल, अंकुर हिस्सा लिया।
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माकपा ने सरकार से बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, सभी युवाओं को स्थायी रोजगार देने, सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण न करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और सभी को 35 किलो अनाज सस्ते दामों में देने की मांग उठाई।
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इस दौरान माकपा कमेटी सचिव सुरेश सरवाल ने कहा कि देश में 2014 के चुनावों से पहले मौजूदा सरकार नारा दे रही थी कि महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार, मगर यह सरकार लगातार पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी कर रही है। 2014 में जो रसोई गैस सिलिंडर 410 रुपये में मिलता था आज वहीं सिलिंडर एक हजार रुपये में मिल रहा है।
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करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में घूम रहे हैं, कोई भी नौकरी आज सरकार देने में असमर्थ है। आउटसोर्स और ठेके पर नौकरियां दी जा रही हैं जो युवाओं के साथ खिलवाड़ है।
माकपा ने कहा कि सरकारी क्षेत्र को निजी हाथों में न देकर उसमें अधिक खर्च कर नौकरियों का बंदोबस्त किया जाए। बेतहाशा महंगाई बढ़ी है, इसे भी दूर किया जाए।
आज आम जनमानस का जीवन यापन बड़ी मुश्किल में पड़ चुका है क्योंकि पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी में बीते, इसमें लोगों की नौकरियां चली गईं। ऊपर से महंगाई, ऐसे में भुखमरी की नौबत पैदा हो जाएगी। इस अवसर पर रमेश गुलेरिया, वीना वैद्य, सुरेंद्र कुमार, अजय वैद्य, सीमा, रीना, वेद, अनिल, अंकुर हिस्सा लिया।
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