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Mandi News: गुणवत्ता जांच के लिए भेजी गीले कचरे से तैयार खाद
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर से हर रोज एकत्रित हो रहा गीला कचरा अब पर्यावरण को दूषित नहीं करेगा। इससे तैयार जैविक खाद अब खेतों में हरियाली लाएगी। चल्हारग स्थित डंपिंग साइट में हर रोज एक टन गीले कचरे से तैयार हो रही जैविक खाद को किसानों को उपलब्ध करवाने की कवायद है। इससे डंपिंग साइट में एकत्रित हो रहे कचरे के ढेर भी कम होंगे।
नगर परिषद वैज्ञानिक ढंग से कचरे का निष्पादन कर रही है। करीब छह हजार आबादी के गीले और सूखे कचरे को ठिकाने लगाने के लिए सात वार्डों में गारबेज कलेक्शन योजना लागू की गई है। 30 से अधिक सफाई कर्मचारी व्यवस्था को संभाले हुए हैं। सूखे कचरे को सीमेंट फैक्टरियों के हवाले किया जा रहा है। अब गीले कचरे से तैयार हो रही जैविक खाद को उपमंडल के किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए स्थानीय नगर परिषद ने पहल शुरू की है।
नगर परिषद की अध्यक्ष ममता कपूर, उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने बताया कि शहरी क्षेत्र को साफ सुथरा बनाने के साथ पर्यावरण को भी दूषित होने से बचाने के लिए एनजीटी के नियमों के तहत गीले और सूखे कचरे का निष्पादन किया जा रहा है। नगर परिषद जोगिंद्रनगर के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने बताया कि चल्हारग स्थित डंपिंग साइट में बनाई जा रही जैविक खाद को किसानों को उपलब्ध करवाने की तैयारी है। कृषि विभाग की प्रयोगशाला में जैविक खाद की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद इसे कृषि विक्रय केंद्रों में बिक्री के लिए रखा जाएगा।
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पांच से दस रुपये प्रति किलो मिलेगी जैविक खाद
गीले कचरे से तैयार जैविक खाद को कृषि विक्रय केंद्रों में पांच से दस रुपये प्रति किलो उपलब्ध करवाने की योजना तैयार की गई है। इससे पहले जैविक खाद की गुणवत्ता का परीक्षण भी कृषि विभाग की ओर से चिह्नित प्रयोगशाला में करवाया जाएगा।
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नगर परिषद वैज्ञानिक ढंग से कचरे का निष्पादन कर रही है। करीब छह हजार आबादी के गीले और सूखे कचरे को ठिकाने लगाने के लिए सात वार्डों में गारबेज कलेक्शन योजना लागू की गई है। 30 से अधिक सफाई कर्मचारी व्यवस्था को संभाले हुए हैं। सूखे कचरे को सीमेंट फैक्टरियों के हवाले किया जा रहा है। अब गीले कचरे से तैयार हो रही जैविक खाद को उपमंडल के किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए स्थानीय नगर परिषद ने पहल शुरू की है।
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नगर परिषद की अध्यक्ष ममता कपूर, उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने बताया कि शहरी क्षेत्र को साफ सुथरा बनाने के साथ पर्यावरण को भी दूषित होने से बचाने के लिए एनजीटी के नियमों के तहत गीले और सूखे कचरे का निष्पादन किया जा रहा है। नगर परिषद जोगिंद्रनगर के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने बताया कि चल्हारग स्थित डंपिंग साइट में बनाई जा रही जैविक खाद को किसानों को उपलब्ध करवाने की तैयारी है। कृषि विभाग की प्रयोगशाला में जैविक खाद की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद इसे कृषि विक्रय केंद्रों में बिक्री के लिए रखा जाएगा।
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पांच से दस रुपये प्रति किलो मिलेगी जैविक खाद
गीले कचरे से तैयार जैविक खाद को कृषि विक्रय केंद्रों में पांच से दस रुपये प्रति किलो उपलब्ध करवाने की योजना तैयार की गई है। इससे पहले जैविक खाद की गुणवत्ता का परीक्षण भी कृषि विभाग की ओर से चिह्नित प्रयोगशाला में करवाया जाएगा।
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