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Mandi News: दूसरे की पतंग कटने पर खुश हुए बच्चे और युवा, बजी सीटियां

Wed, 14 Feb 2024 05:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2024 05:30 PM IST
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Children and youth became happy when someone else's kite was cut, whistled
मंडी शहर के एक मकान की छत पर पतंगवाजी करते युवा। संवाद
वसंत पंचमी पर हवा न चलने से नहीं हुईं पतंगबाजी की ज्यादा अठखेलियां
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मौसम साफ रहने पर नहीं चलीं हवाएं, पतंगबाजी के शौकीन हुए निराश

शहर की दुकानों पर 5 रुपये से 150 रुपये तक कीमत के दिखे पतंग

संवाद न्यूज एजेंसी

मंडी। वसंत पंचमी के अवसर पर इस बार मंडी शहर में पतंगबाजों में जोश फीका दिखा। मौसम साफ होने पर तेज हवाएं न चलने से पतंगबाजी की अठखेलियां नहीं हो पाई। ऐसे में पतंगबाजी के शौकीन युवाओं में निराशा रही। हालांकि मंडी शहर की कुछ दुकानों में 5 रुपये से 150 रुपये तक कीमत वाले पतंग मौजूद रहे। दुकानदारों ने वसंत पंचमी को देखते हुए पंजाब के लुधियाना से विभिन्न तरह के पतंग और डोर मंगवाई है।
वहीं पतंगबाज संजय माथुर, कमल, हेमराज, जय चंद, बब्लू, महेश, प्रकाश, मिंटू आदि ने बताया कि वसंत पंचमी पर इस बार मौसम साफ होने से हवाएं नहीं चल पाई, क्योंकि पतंगबाजी करने के लिए हवाओं का रुख बहुत अहम रहता है। ऐसे में ऊंची उड़ान पर एक दूसरी पतंग में पेंच डालकर पतंगबाजी करने का मजा आता है। पतंग कटने पर बच्चे और युवा जोर जोर से कहते हुए काटे, आई ब्लो, रूचके, चकदे और सीटियां बजाते हुए खुशी जाहिर करते सुने गए।
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बुधवार सुबह अधिकांश स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों ने अवकाश लेकर पतंग की दुकानों में पहुंचकर अपने लिए तरह-तरह के पतंग और डोर की खरीद की। पतंगबाजी को लेकर बच्चे और युवा घरों की छतों पर चढ़कर पतंगबाजी करने लगे, लेकिन मौसम साफ होने पर हवाओं के न चलने से उनकी पतंग ऊंची नहीं उड़ सकी। इससे एक-दूसरी पतंग के साथ लड़ाने का उन्हें मौका नहीं मिला। समखेतर बाजार निवासी दुकानदार बॉबी और मंजीत ने बताया कि उनकी दुकानों पर 5 रुपये से लेकर 150 रुपये कीमत के पतंग मौजूद हैं। युवा और बच्चे सुबह से ही पतंग और डोर खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। मंजीत सिंह ने कहा कि पतंगबाज और दुकानदार साल भर वसंत पंचमी का बेसब्री से इंतजार करते हैं, लेकिन अवकाश न होने के चलते उनका कारोबार अच्छा नहीं रहता। प्रदेश सरकार को चाहिए कि इस दिन अन्य त्योहारों की तरह अवकाश दिया जाना चाहिए।
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