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थाचाधार पंचायत के बाड़ा में 25 कमरों की दोमंजिला गोशाला राख
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गाड़ागुशैणी की ग्राम पंचायत थाचाधार के बाड़ा गांव में लगी आग को बुझाने का प्रयास करते स्थानीय ग्?
- फोटो : Mandi
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बालीचौकी (मंडी)। ग्राम पंचायत थाचाधार के दुर्गम गांव बाड़ा में 25 कमरों की दोमंजिला गोशाला जल कर राख हो गई। प्रारंभिक तौर पर 25 से 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। गांव के दो दर्जन परिवारों ने संयुक्त रूप से इस गोशाला का निर्माण किया था।
गोशाला में आग शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे लगी। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां सड़क सुविधा नहीं है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग को बुझाने का प्रयास किया। समय रहते गोशाला में बंधे सभी मवेशियों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गांववालों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन गोशाला जलकर राख हो गई थी। गनीमत रही कि आग लोगों के घरों तक नहीं पहुंची अन्यथा काष्ठकुणी शैली के मकानों में आग भयंकर तबाही मचा सकती थी।
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घास का भंडार भी जलकर राख
हलका पटवारी घनश्याम ने बताया कि अग्निकांड से दुर्गा सिंह, मोहन लाल, सेवक राम, रोशन लाल, लाल सिंह, पूर्ण, दीवान, खोर सिंह, देवी सिंह, नुपि राम, गोपाल सिंह, जय सिंह, डोले राम, सोहन, भगत राम और गंगा राम प्रभावित हुए हैं। ग्राम पंचायत थाचाधार के प्रधान ललित कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन गोशाला में सर्दियों के लिए घास का भंडारण होने और देवदार से बना यह पुराना ढांचा राख के ढेर में बदल गया।
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बिजली की सप्लाई नहीं
बीडीसी राजू ने बताया कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है। गोशाला में बिजली की सप्लाई नहीं है। तहसीलदार बालीचौकी हरिचंद नलवा ने आग की इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हलका पटवारी ने नुकसान की रिपोर्ट भेज दी है।
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गोशाला में आग शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे लगी। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां सड़क सुविधा नहीं है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग को बुझाने का प्रयास किया। समय रहते गोशाला में बंधे सभी मवेशियों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गांववालों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन गोशाला जलकर राख हो गई थी। गनीमत रही कि आग लोगों के घरों तक नहीं पहुंची अन्यथा काष्ठकुणी शैली के मकानों में आग भयंकर तबाही मचा सकती थी।
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घास का भंडार भी जलकर राख
हलका पटवारी घनश्याम ने बताया कि अग्निकांड से दुर्गा सिंह, मोहन लाल, सेवक राम, रोशन लाल, लाल सिंह, पूर्ण, दीवान, खोर सिंह, देवी सिंह, नुपि राम, गोपाल सिंह, जय सिंह, डोले राम, सोहन, भगत राम और गंगा राम प्रभावित हुए हैं। ग्राम पंचायत थाचाधार के प्रधान ललित कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन गोशाला में सर्दियों के लिए घास का भंडारण होने और देवदार से बना यह पुराना ढांचा राख के ढेर में बदल गया।
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बिजली की सप्लाई नहीं
बीडीसी राजू ने बताया कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है। गोशाला में बिजली की सप्लाई नहीं है। तहसीलदार बालीचौकी हरिचंद नलवा ने आग की इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हलका पटवारी ने नुकसान की रिपोर्ट भेज दी है।
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