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Mandi News: भाई हिरदा राम को जयंती पर किया याद
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मंडी में स्वतंत्रता सेनानी भाई हिरदा राम की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करते नगर निगम महापौर वी
- फोटो : मुठभेड़ में घायल रामवीर को उपचार के लिए लेकर जाती पुलिस। स्रोत: पुलिस
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मंडी। स्वतंत्रता सेनानी एवं मंडी के क्रांतिकारी वीर सपूत भाई हिरदा राम की 140वीं जयंती पर शुक्रवार को इंदिरा मार्केट स्थित उनके स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर वीरेंद्र भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भाई हिरदा राम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
महापौर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि भाई हिरदा राम जैसे सपूतों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं। उन्होंने साहित्यकार केके नूतन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भाई हिरदा राम के संघर्षपूर्ण जीवन को साहित्य के माध्यम से संजोया।
कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र राणा ने किया। उन्होंने बताया कि क्रांतिकारी भाई हिरदा राम ने अंग्रेजों की कठिन यातनाओं को सहते हुए मंडी में गदर पार्टी की स्थापना की और कई क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व किया। उनका संघर्ष और बलिदान स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा और सदैव प्रेरणादायक बनेगा।
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नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर ने भी भाई हिरदा राम के संघर्ष, देशप्रेम और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। भाई हिरदा राम का जन्म 28 नवंबर 1885 को मंडी में हुआ था और 21 अगस्त 1965 को उनका निधन हुआ। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। इस मौके पर भाई हिरदा राम के पौत्र शमशेर सिंह मन्हास, इंद्र सिंह ठाकुर, प्रवीण शर्मा और हरमीत सिंह सहित अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद
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महापौर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि भाई हिरदा राम जैसे सपूतों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं। उन्होंने साहित्यकार केके नूतन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भाई हिरदा राम के संघर्षपूर्ण जीवन को साहित्य के माध्यम से संजोया।
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कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र राणा ने किया। उन्होंने बताया कि क्रांतिकारी भाई हिरदा राम ने अंग्रेजों की कठिन यातनाओं को सहते हुए मंडी में गदर पार्टी की स्थापना की और कई क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व किया। उनका संघर्ष और बलिदान स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा और सदैव प्रेरणादायक बनेगा।
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नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर ने भी भाई हिरदा राम के संघर्ष, देशप्रेम और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। भाई हिरदा राम का जन्म 28 नवंबर 1885 को मंडी में हुआ था और 21 अगस्त 1965 को उनका निधन हुआ। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। इस मौके पर भाई हिरदा राम के पौत्र शमशेर सिंह मन्हास, इंद्र सिंह ठाकुर, प्रवीण शर्मा और हरमीत सिंह सहित अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद