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Mandi News: दिव्यांग महिला से बस में दुर्व्यवहार पर एसोसिएशन भड़की
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भूतनाथ मंदिर सराय में आयोजित बैठक में किया मंथन
उपायुक्त से बस परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमालयन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन ने बस में दिव्यांग महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से उठाया है। आरोप है कि 20 अप्रैल को शिमला से मंडी जा रही एक दिव्यांग महिला के साथ बस में चालक और परिचालक ने सीट को लेकर अभद्र व्यवहार किया। इस संबंध में उपायुक्त से बस परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। संस्था की जिला अध्यक्ष हेमलता पठानिया ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के बस पास के स्थान पर यूडीआईडी कार्ड को मान्यता दी जानी चाहिए, ताकि दिव्यांगों को बार-बार परेशान न होना पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि कई पात्र दिव्यांगों को अब तक पेंशन नहीं मिल रही है। रत्ती पुल की एक दिव्यांग महिला ने दो वर्ष पहले शौचालय निर्माण के लिए उपायुक्त को ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक शौचालय नहीं बन पाया है। इसके अलावा भूमिहीन दिव्यांगजनों को घर बनाने के लिए योजनाओं में शामिल कर उन्हें सुविधाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में दिव्यांगों के लिए भवन देने का आश्वासन भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। साथ ही, लगभग 90 प्रतिशत दिव्यांगों की जमीन पर परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा कब्जा किए जाने के मामलों को उपमंडल स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए। हेमलता पठानिया ने सरकार से सभी दिव्यांगों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने की मांग की है और संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजकर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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उपायुक्त से बस परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमालयन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन ने बस में दिव्यांग महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से उठाया है। आरोप है कि 20 अप्रैल को शिमला से मंडी जा रही एक दिव्यांग महिला के साथ बस में चालक और परिचालक ने सीट को लेकर अभद्र व्यवहार किया। इस संबंध में उपायुक्त से बस परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। संस्था की जिला अध्यक्ष हेमलता पठानिया ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के बस पास के स्थान पर यूडीआईडी कार्ड को मान्यता दी जानी चाहिए, ताकि दिव्यांगों को बार-बार परेशान न होना पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि कई पात्र दिव्यांगों को अब तक पेंशन नहीं मिल रही है। रत्ती पुल की एक दिव्यांग महिला ने दो वर्ष पहले शौचालय निर्माण के लिए उपायुक्त को ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक शौचालय नहीं बन पाया है। इसके अलावा भूमिहीन दिव्यांगजनों को घर बनाने के लिए योजनाओं में शामिल कर उन्हें सुविधाओं का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में दिव्यांगों के लिए भवन देने का आश्वासन भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। साथ ही, लगभग 90 प्रतिशत दिव्यांगों की जमीन पर परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा कब्जा किए जाने के मामलों को उपमंडल स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए। हेमलता पठानिया ने सरकार से सभी दिव्यांगों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने की मांग की है और संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजकर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।