{"_id":"61252f5f8ebc3e2f792b08fe","slug":"after-use-in-covid-vaccination-centers-mandi-news-sml381478819","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राउंड रिपोर्ट:ब्वायज स्कूल मंडी के कोविड वैक्सीनेशन केंद्रों में प्रयोग के बाद खुले में फैंके जा रहे इंजेक्शन, रूंई और गल्बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राउंड रिपोर्ट:ब्वायज स्कूल मंडी के कोविड वैक्सीनेशन केंद्रों में प्रयोग के बाद खुले में फैंके जा रहे इंजेक्शन, रूंई और गल्बस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। लोगों को कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक ओर कोविड टीकाकरण अभियान युद्ध स्तर पर छेड़ा है। वहीं, ब्वायज स्कूल मंडी में स्थापित दोनों वैक्सीनेशन केंद्रों में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
यहां सफाई के अभाव में टीकाकरण के बाद सीरिंज को तो डिस्पोस कर दिया जा रहा है, लेकिन प्लास्टिक के इंजेक्शन, रूई, ग्लव्ज और मास्क को ठिकाने नहीं लगाया जा रहा है । इस सामान को खुले में फेंका जा रहा है, जबकि नियमानुसार बायो मेडिकल वेस्ट को अस्पतालों में लगे विशेष उपकरण में नष्ट किया जाता है। दूसरी और सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम न होने से उपरोक्त सामग्री कई दिनों से यहां डंप की गई है। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षण संस्थान बंद चल रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में भीड़ को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से छात्र स्कूल मंडी में दो वैक्सीनेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि कुछ दिन पूर्व शिक्षण संस्थान खोलने पर वैक्सीनेशन केंद्र को क्षेत्रीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन दोबारा संक्रमण के मामले बढ़ने और स्कूल बंद होने पर केंद्रों को दोबारा स्कूल में शुरू करवाया गया है।
विज्ञापन
गैलरी में खुले में एकत्र किया है सारा सामान
कई दिनों से गैलरी में टीकाकरण के बाद प्रयोग में लाए गए इंजेक्शन, रूई और ग्लव्ज को कूड़े के साथ रखा गया है। उचित रखरखाव और सफाई व्यवस्था न होने के कारण उपरोक्त सामग्री जमीन पर बिखरी पड़ी है। ऐसे में यहां संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है। इस खामी से विभागीय अधिकारी और लोग अनजान हैं या इसे अनदेखा किया जा रहा है। हालांकि यह खामी अपने आप में बहुत बड़ी गलती है, जिसका समय पर समाधान न करवाया गया तो आने वाले दिनों में यहां संक्रमण भी फैल सकता है।
यह शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी, देंगे निर्देश
एमओएच डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि वैक्सीनेशन केंद्र में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी है। बायो वेस्ट को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी थैलों में डाल कर अस्पताल के विशेष यंत्र में डालकर नष्ट कर रहे हैं। बार-बार वैक्सीनेशन केंद्र के स्थानांतरण से भी परेशानी हो रही है। सिरिंज में लगी सुई को पहले ही नष्ट कर दिया जाता है। इससे किसी तरह का खतरा नहीं रहता। यदि कुछ वेस्ट वहां डंप किया है तो उसे शीघ्र ही हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
यहां सफाई के अभाव में टीकाकरण के बाद सीरिंज को तो डिस्पोस कर दिया जा रहा है, लेकिन प्लास्टिक के इंजेक्शन, रूई, ग्लव्ज और मास्क को ठिकाने नहीं लगाया जा रहा है । इस सामान को खुले में फेंका जा रहा है, जबकि नियमानुसार बायो मेडिकल वेस्ट को अस्पतालों में लगे विशेष उपकरण में नष्ट किया जाता है। दूसरी और सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम न होने से उपरोक्त सामग्री कई दिनों से यहां डंप की गई है। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षण संस्थान बंद चल रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में भीड़ को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से छात्र स्कूल मंडी में दो वैक्सीनेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि कुछ दिन पूर्व शिक्षण संस्थान खोलने पर वैक्सीनेशन केंद्र को क्षेत्रीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन दोबारा संक्रमण के मामले बढ़ने और स्कूल बंद होने पर केंद्रों को दोबारा स्कूल में शुरू करवाया गया है।
विज्ञापन
गैलरी में खुले में एकत्र किया है सारा सामान
कई दिनों से गैलरी में टीकाकरण के बाद प्रयोग में लाए गए इंजेक्शन, रूई और ग्लव्ज को कूड़े के साथ रखा गया है। उचित रखरखाव और सफाई व्यवस्था न होने के कारण उपरोक्त सामग्री जमीन पर बिखरी पड़ी है। ऐसे में यहां संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है। इस खामी से विभागीय अधिकारी और लोग अनजान हैं या इसे अनदेखा किया जा रहा है। हालांकि यह खामी अपने आप में बहुत बड़ी गलती है, जिसका समय पर समाधान न करवाया गया तो आने वाले दिनों में यहां संक्रमण भी फैल सकता है।
यह शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी, देंगे निर्देश
एमओएच डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि वैक्सीनेशन केंद्र में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी है। बायो वेस्ट को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी थैलों में डाल कर अस्पताल के विशेष यंत्र में डालकर नष्ट कर रहे हैं। बार-बार वैक्सीनेशन केंद्र के स्थानांतरण से भी परेशानी हो रही है। सिरिंज में लगी सुई को पहले ही नष्ट कर दिया जाता है। इससे किसी तरह का खतरा नहीं रहता। यदि कुछ वेस्ट वहां डंप किया है तो उसे शीघ्र ही हटा दिया जाएगा।