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Mandi News: पत्नी की हत्या का आरोपी बरी
Sat, 26 Oct 2024 07:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 26 Oct 2024 07:08 AM IST
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मंडी। पत्नी की हत्या का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने आरोपी पति को बरी करने का फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर की अदालत ने सुंदरनगर तहसील के भौर (कनैड) निवासी राज कुमार पुत्र जय राम के खिलाफ भादंस की धारा 302 के तहत अभियोग साबित न होने पर उसे बरी कर दिया है।
अभियोजन के अनुसार सुंदरनगर थाना पुलिस को 25 अप्रैल 2017 को सूचना मिली कि राजकुमार की पत्नी की अस्पताल में मृत्यु हो गई है। इस पर जांच अधिकारी मौका पर पहुंचे जहां पर उन्हें पता चला कि आरोपी ने अपनी गूंगी पत्नी की बर्तन नहीं धोने पर पिटाई की थी और उसे घर के स्लैब से नीचे गिरा दिया था। इसके कारण उसे चोटें आई और बाद में उसकी अस्पताल में मृत्यु हो गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता कमल सैनी का कहना था कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों ने माना है कि आरोपी की पत्नी बर्तन धोने की जगह पानी से हुई फिसलन के कारण छत से नीचे गिरी थी।
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ऐसे में अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ पत्नी की हत्या करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपी को बरी किया जाता है।
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अभियोजन के अनुसार सुंदरनगर थाना पुलिस को 25 अप्रैल 2017 को सूचना मिली कि राजकुमार की पत्नी की अस्पताल में मृत्यु हो गई है। इस पर जांच अधिकारी मौका पर पहुंचे जहां पर उन्हें पता चला कि आरोपी ने अपनी गूंगी पत्नी की बर्तन नहीं धोने पर पिटाई की थी और उसे घर के स्लैब से नीचे गिरा दिया था। इसके कारण उसे चोटें आई और बाद में उसकी अस्पताल में मृत्यु हो गई।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता कमल सैनी का कहना था कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों ने माना है कि आरोपी की पत्नी बर्तन धोने की जगह पानी से हुई फिसलन के कारण छत से नीचे गिरी थी।
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ऐसे में अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ पत्नी की हत्या करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपी को बरी किया जाता है।