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13 जून से आंदोलन शुरू करेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
मंडी
Updated Sun, 29 May 2016 05:53 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : demo
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मंडी। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने निर्णय लिया है कि 13 जून से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। यूनियन की राज्य महासचिव राजकुमारी की अध्यक्षता में रविवार को मंडी में एक बैठक सीटू कार्यालय में संपन्न हुई। जिसमें जिला के सभी दस प्रोजेक्टों से आई यूनियन की पदाधिकारियों ने भाग लिया। सीटू जिला कार्यालय सचिव गोपेंद्र कुमार ने भी इस बैठक में आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों को संबोधित किया तथा इस वर्ग के प्रति प्रदेश सरकार की नीति का कड़ा विरोध जताया।
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राज्य कमेटी महासचिव राजकुमारी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों पर काम का अधिक से अधिक भार डालती जा रही है मगर मानदेय के नाम पर प्रदेश सरकार की ओर से महज 450 रुपये ही दिए जा रहे हैं जबकि बाकी मानदेय भारत सरकार की ओर से मिलता है। हिमाचल सरकार सबसे कम मानदेय दे रही है, जबकि हरियाणा और उत्तराखंड में 4500 रुपये, पंजाब में 2600 रुपये मानदेय केवल वहां की सरकारों की ओर से ही दिया जा रहा है।
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यूनियन ने प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ तो मंत्री विधायकों के वेतन भत्ते देश में सबसे ज्यादा किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सबसे कम मानदेय दिया जा रहा है। मांग की गई है कि हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कुल मानदेय 7500 रुपये और सहायिका को 4000 रुपये दिया जाए। इन्हें सरकारी कर्मचारी बनाया जाए व पेंशन ग्रेच्युटी समेत सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएं। एनआरएचएम के पैसे का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए जो कि दो सालों से लटका हुआ है। रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए। यह भी चेतावनी दी गई कि यदि मांगों को नहीं माना गया तो 13 जून से राज्य भर में सीटू के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा जिसकी शुरूआत मंडी से होगी। यह आंदोलन 11 जुलाई तक चलेगा और प्रदेश भर में हर जगह पर इसके तहत धरना प्रदर्शन व रैलियों का आयोजन होगा।
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