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संघर्ष की रणनीति बनाएंगी आंगनबाड़ी वर्कर
मंडी।
Updated Tue, 29 Mar 2016 06:01 PM IST
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कहीं आपके ही सिर न फूट जाए ये बम!
- फोटो : gettyimages
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मंडी। सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स यूनियन का राज्य सम्मेलन 9 से 10 अप्रैल को मंडी में आयोजित हो रहा है। जिसमें 12 जिलों की तीन सौ प्रतिनिधि भाग लेंगी। यूनियन की राज्य अध्यक्ष सुमित्रा ठाकुर और महासचिव निर्मल चौहान, राजकुमारी, हमिंद्री शर्मा, विमला, कृष्णा, माया ने बताया कि इस सम्मेलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव और शोषण के खिलाफ संघर्ष तेज करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
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भारत वर्ष के सभी राज्यों में केवल हिमाचल ही एक ऐसा राज्य है, जहां उन्हें राज्य सरकार मात्र तीन सौ रुपये मानदेय देती है और तीन हजार उन्हें केंद्र सरकार से मिलता है। हरियाणा सरकार उन्हें साढ़े चार और पंजाब सरकार तीन हजार रुपये देती है। वर्तमान सरकार ने पिछले बजट में कार्यकर्ताओं के मानदेय में दो सौ रुपये की घोषणा की थी जो उन्हें आज तक नहीं दिया गया। जबकि वर्तमान बजट में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2006 में भी पूर्व भाजपा सरकार द्वारा की गई दो सौ रुपये की वृद्धि को भी वापस ले लिया था। जिसके खिलाफ यूनियन ने 102 दिन की भूख हड़ताल शिमला में की थी और इस कटौती को वापस करवाया था।
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सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार विधायकों और मंत्रियों के वेतन और भत्तों में बेहिसाब बढ़ोतरी प्रस्तावित कर रही है। दूसरी तरफ प्रदेश की चालीस हजार महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मात्र एक सौ दस रुपये दिहाड़ी दे रही है। इसलिए यूनियन वर्तमान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विरोधी कांग्रेस सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों में आंदोलन छेड़ेगी। जिसकी रूपरेखा इस राज्य सम्मेलन में तैयार होगी।