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Mandi News: पीलिया के कुल 154 मरीज आए , 50 अस्पताल में दाखिल, एक टांडा रेफर
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में पीलिया से संक्रमित मरीजों का दाखिले अभी भी कम नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में करीब 50 पीलिया संक्रमित मरीज उपचाराधीन हैं, जबकि एक गंभीर की नाजुक हालत को देखते हुए टांडा मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई तक जोगिंद्रनगर में कुल 154 पीलिया यानी हेपेटाइटिस ए के मरीज पाए गए हैं। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इसी बीच अब डायरिया और डेंगू के मरीजों की आहट से हड़कंप मचा हुआ है।
जोगिंद्रनगर अस्पताल की ओपीडी की बात करें तो यहां पर हर रोज 25 प्रतिशत मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए जा रहे हैं। अस्पताल के महिला, पुरुष, शिशु, गायनी, सर्जिकल वार्ड के अलावा विशेष वार्ड में भी पीलिया के मरीज दाखिल होकर उपचार हासिल कर रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे 200 से अधिक मरीजों में करीब 40 मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए गए। इस दौरान मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. स्वाति सोनी ने सभी रोगी वार्डों में दाखिल मरीजों का हाल जाना और ओपीडी में भी गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाया। विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दो सप्ताह तक अभी भी पीलिया का प्रकोप उपमंडल जोगिंद्रनगर में रहने की आशंका है। क्योंकि अभी कुछ नए मरीज भी संक्रमित हुए हैं। जबकि पुराने मरीजों का आंकड़ा भी बरकरार है। नजदीकी बैजनाथ सिविल अस्पताल की बात करें तो यहां पर मंगलवार को उपचाराधीन कुल 15 मरीजों में 13 मरीज जोगिंद्रनगर क्षेत्र के ही शामिल थे। इसके अलावा पालमपुर, टांडा अस्पताल के अलावा पीजीआई चंडीगढ़ तक मरीज पहुंच रहे हैं।
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15 से 20 उम्र के 89 युवा पीलिया से पीड़ित
जोगिंद्रनगर में 30 जुलाई तक सामने आए कुल 154 पीलिया मरीजों में सबसे अधिक 15 से 20 साल के युवा हैं। इनकी संख्या 89 है। जबकि शून्य से पांच साल के तीन, पांच से दस साल के नौ, 10 से 15 साल के 26, 20 से 25 साल के 22 व 25 से 30 साल के दो मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। 30 से ऊपर की उम्र में केवल दो ही मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। 10 से लेकर 30 जुलाई तक सबसे अधिक मामले 29 जुलाई को 23 सामने आए हैं। जबकि 10 जुलाई को 15 मामले सामने आए थे। 10 से 30 जुलाई तक केवल 15 जुलाई को कोई भी पीलिया का मामला रिपोर्ट नहीं हुआ। जबकि अन्य दिनों में न्यूनतम दो से अधिकतम 23 तक मामले दर्ज हुए हैं। सात दिनों में 10 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम वेरीफाई रिपोर्ट के आधार पर भी रिकॉर्ड तैयार कर रही है।
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दूषित जल का सेवन माना जा रहा कारण
स्वास्थ्य विभाग मानना है कि दूषित जल के सेवन से ही यह पीलिया हुआ है। रक्त जांच में हेपेटाइटिस ए की पुष्टि हुई है जो कि साफ करता है कि दूषित जल का सेवन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग इन्हीं रिपोर्ट के आधार पर ही जल शक्ति विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह भी कर रहा है। उधर, सीएमओ डा. एनके भारद्वाज का कहना है कि लोग सावधानी बरतें और साफ पानी का सेवन करें। विभाग लगातार हर चीज की मॉनिटरिंग कर रहा है।
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जोगिंद्रनगर अस्पताल की ओपीडी की बात करें तो यहां पर हर रोज 25 प्रतिशत मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए जा रहे हैं। अस्पताल के महिला, पुरुष, शिशु, गायनी, सर्जिकल वार्ड के अलावा विशेष वार्ड में भी पीलिया के मरीज दाखिल होकर उपचार हासिल कर रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे 200 से अधिक मरीजों में करीब 40 मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए गए। इस दौरान मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. स्वाति सोनी ने सभी रोगी वार्डों में दाखिल मरीजों का हाल जाना और ओपीडी में भी गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाया। विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दो सप्ताह तक अभी भी पीलिया का प्रकोप उपमंडल जोगिंद्रनगर में रहने की आशंका है। क्योंकि अभी कुछ नए मरीज भी संक्रमित हुए हैं। जबकि पुराने मरीजों का आंकड़ा भी बरकरार है। नजदीकी बैजनाथ सिविल अस्पताल की बात करें तो यहां पर मंगलवार को उपचाराधीन कुल 15 मरीजों में 13 मरीज जोगिंद्रनगर क्षेत्र के ही शामिल थे। इसके अलावा पालमपुर, टांडा अस्पताल के अलावा पीजीआई चंडीगढ़ तक मरीज पहुंच रहे हैं।
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15 से 20 उम्र के 89 युवा पीलिया से पीड़ित
जोगिंद्रनगर में 30 जुलाई तक सामने आए कुल 154 पीलिया मरीजों में सबसे अधिक 15 से 20 साल के युवा हैं। इनकी संख्या 89 है। जबकि शून्य से पांच साल के तीन, पांच से दस साल के नौ, 10 से 15 साल के 26, 20 से 25 साल के 22 व 25 से 30 साल के दो मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। 30 से ऊपर की उम्र में केवल दो ही मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। 10 से लेकर 30 जुलाई तक सबसे अधिक मामले 29 जुलाई को 23 सामने आए हैं। जबकि 10 जुलाई को 15 मामले सामने आए थे। 10 से 30 जुलाई तक केवल 15 जुलाई को कोई भी पीलिया का मामला रिपोर्ट नहीं हुआ। जबकि अन्य दिनों में न्यूनतम दो से अधिकतम 23 तक मामले दर्ज हुए हैं। सात दिनों में 10 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम वेरीफाई रिपोर्ट के आधार पर भी रिकॉर्ड तैयार कर रही है।
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दूषित जल का सेवन माना जा रहा कारण
स्वास्थ्य विभाग मानना है कि दूषित जल के सेवन से ही यह पीलिया हुआ है। रक्त जांच में हेपेटाइटिस ए की पुष्टि हुई है जो कि साफ करता है कि दूषित जल का सेवन हुआ है। स्वास्थ्य विभाग इन्हीं रिपोर्ट के आधार पर ही जल शक्ति विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह भी कर रहा है। उधर, सीएमओ डा. एनके भारद्वाज का कहना है कि लोग सावधानी बरतें और साफ पानी का सेवन करें। विभाग लगातार हर चीज की मॉनिटरिंग कर रहा है।