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Mandi News: सुकेत में 50 फायर वाचर, 2500 वालंटियर वनों को आग से बचाएंगे
Sun, 28 Apr 2024 07:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 28 Apr 2024 07:27 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। क्षेत्र में 15 अप्रैल से शुरू फायर सीजन शुरू हो चुका है। इसको देखते हुए सुकेत वन मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील वन क्षेत्रों को आग से बचाने के लिए 50 फायर वाचर तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा रैपिड फॉरेस्ट फायर फाइटिंग फोर्स के तहत 2500 से अधिक वालंटियर आग बुझाने में सहयोग करेंगे। फायर सीजन के मद्देनजर अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
सुकेत वन मंडल के तहत 72 वन बीटें हैं। इनमें से 2,53,591 हेक्टेयर के तहत आने वाली 65 वन बीट अग्नि संवेदनशील हैं। इसमें भी 42 बीटें अति संवेदनशील हैं। चीड़ के वर्किंग सर्कल में 5426.68 हेक्टेयर क्षेत्रफल आता है। 15 जुलाई तक फायर सीजन के दौरान सुकेत वन मंडल द्वारा विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी।
इसके तहत संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारियों को ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को आग की रोकथाम व अन्य उपायों के साथ वनों के साथ लगती घासनियों के मालिकों को आग लगने की सूरत में वन विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। आग की रोकथाम के लिए 2,23,83 हेक्टेयर जंगल में कंट्रोल बर्निंग की गई है और संबंधित अधिकारियों को फायर लाइन साफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उधर, सुकेत वन मंडल के डीएफओ राकेश कटोच ने बताया कि फायर सीजन में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम में आग लगने का संदेश तुरंत चला जाता है। जिससे आग पर शीघ्र नियंत्रण किया जा सकता है। कर्मचारियों को प्रतिरोधी दस्ताने, डांगरी, नीडल बलोर भी प्रदान किए गए हैं। नीडल बॉयलर को सड़क के किनारे चील की पत्तियों और फायर लाइनों को साफ करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
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सुकेत वन मंडल के तहत 72 वन बीटें हैं। इनमें से 2,53,591 हेक्टेयर के तहत आने वाली 65 वन बीट अग्नि संवेदनशील हैं। इसमें भी 42 बीटें अति संवेदनशील हैं। चीड़ के वर्किंग सर्कल में 5426.68 हेक्टेयर क्षेत्रफल आता है। 15 जुलाई तक फायर सीजन के दौरान सुकेत वन मंडल द्वारा विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी।
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इसके तहत संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारियों को ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को आग की रोकथाम व अन्य उपायों के साथ वनों के साथ लगती घासनियों के मालिकों को आग लगने की सूरत में वन विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। आग की रोकथाम के लिए 2,23,83 हेक्टेयर जंगल में कंट्रोल बर्निंग की गई है और संबंधित अधिकारियों को फायर लाइन साफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उधर, सुकेत वन मंडल के डीएफओ राकेश कटोच ने बताया कि फायर सीजन में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम में आग लगने का संदेश तुरंत चला जाता है। जिससे आग पर शीघ्र नियंत्रण किया जा सकता है। कर्मचारियों को प्रतिरोधी दस्ताने, डांगरी, नीडल बलोर भी प्रदान किए गए हैं। नीडल बॉयलर को सड़क के किनारे चील की पत्तियों और फायर लाइनों को साफ करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।