{"_id":"69ac03b64331bbe8e90e2ca6","slug":"22-community-motivators-from-three-districts-learnt-new-techniques-mandi-news-c-90-1-mnd1021-188345-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: तीन जिलों के 22 सामुदायिक प्रेरकों ने सीखी नई तकनीकें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: तीन जिलों के 22 सामुदायिक प्रेरकों ने सीखी नई तकनीकें
विज्ञापन
बचत योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले लाभों के बारे में बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में सामुदायिक प्रेरकों के लिए स्वयं सहायता समूह की अवधारणा को बढ़ावा देना और उसे सुदृढ़ बनाना विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिले से जाइका परियोजना के तहत 22 सामुदायिक प्रेरकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों के संगठन और सशक्तीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को समूहों की नियमित बैठकों, वित्तीय लेन-देन, गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण अभिलेखों को मैन्युअल और डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित रूप से संधारित करने की जानकारी दी गई।
सामुदायिक प्रेरकों को बचत योजनाओं, बैंक ऋण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के रखरखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं से स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले लाभों के बारे में भी अवगत कराया गया। इस मौके पर कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची, उप-प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल, समन्वयक डॉ. सुधीर, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. मीना, डॉ. अमर सिंह, डॉ. राजीव शर्मा, संसाधन व्यक्ति डॉ. रवि शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में सामुदायिक प्रेरकों के लिए स्वयं सहायता समूह की अवधारणा को बढ़ावा देना और उसे सुदृढ़ बनाना विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिले से जाइका परियोजना के तहत 22 सामुदायिक प्रेरकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों के संगठन और सशक्तीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को समूहों की नियमित बैठकों, वित्तीय लेन-देन, गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण अभिलेखों को मैन्युअल और डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित रूप से संधारित करने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
सामुदायिक प्रेरकों को बचत योजनाओं, बैंक ऋण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के रखरखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं से स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले लाभों के बारे में भी अवगत कराया गया। इस मौके पर कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची, उप-प्रधानाचार्य डॉ. ओम प्रकाश बंसल, समन्वयक डॉ. सुधीर, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. मीना, डॉ. अमर सिंह, डॉ. राजीव शर्मा, संसाधन व्यक्ति डॉ. रवि शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन