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अब उरला में भूस्खलन और पेड़ गिरने से मंडी-पठानकोट हाईवे पौना घंटा ठप
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:50 PM IST
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पधर (मंडी)। मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे में उरला के समीप पहाड़ी से भूस्खलन और पेड़ गिरने से हाईवे लगभग पौना घंटा ठप रहा। मार्ग शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बंद हुआ और सवा बारह बजे खुला। भूस्खलन के कारण एक बड़ा पेड़ भी मार्ग पर आ गया। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया और हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इससे वाहन चालकों सहित यात्री भी परेशान हुए। बाद में एनएचएआई ने जेसीबी मशीन लगा कर दोपहर सवा बारह बजे हाईवे को यातायात के लिए बहाल किया।
गत सप्ताह हुई बारिश से कोटरोपी सतीमोड़ से लेकर भलाना तक लगभग तीन दर्जन से अधिक पेड़ जमींदोज हुए हैं। इससे लाखों रुपये की अनमोल वन संपदा का नुकसान हुआ है। वहीं पहाड़ी दरकने से कई गांव खतरे की जद में आए हैं। सतीमोड़, चमड़ामोड़, कसयान और हियुनगलू में जरा सी बारिश में भी पेड़ गिरने का क्रम जारी है। सैकड़ों पेड़ यहां नीचे की ओर झुके हुए हैं जो भविष्य में बड़ा नुकसान कर सकते हैं। एनएचएआई के तकनीकी एडवाइजर सतीश नाग का कहना है कि दलदल जगह होने के कारण लैंडस्लाइड हो रही है। इसको लेकर महकमा पूरी तरह सजग है। यहां कोटरोपी घटनास्थल पर मशीनरी तैनात की गई है।
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गत सप्ताह हुई बारिश से कोटरोपी सतीमोड़ से लेकर भलाना तक लगभग तीन दर्जन से अधिक पेड़ जमींदोज हुए हैं। इससे लाखों रुपये की अनमोल वन संपदा का नुकसान हुआ है। वहीं पहाड़ी दरकने से कई गांव खतरे की जद में आए हैं। सतीमोड़, चमड़ामोड़, कसयान और हियुनगलू में जरा सी बारिश में भी पेड़ गिरने का क्रम जारी है। सैकड़ों पेड़ यहां नीचे की ओर झुके हुए हैं जो भविष्य में बड़ा नुकसान कर सकते हैं। एनएचएआई के तकनीकी एडवाइजर सतीश नाग का कहना है कि दलदल जगह होने के कारण लैंडस्लाइड हो रही है। इसको लेकर महकमा पूरी तरह सजग है। यहां कोटरोपी घटनास्थल पर मशीनरी तैनात की गई है।
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