{"_id":"682a212199cc93a28b09f2bf","slug":"20-lakhs-will-be-spent-on-the-beautification-of-bhamanala-village-bali-mandi-news-c-90-1-mrt1064-156475-2025-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"भमनाला गांव के सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे 20 लाख : बाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भमनाला गांव के सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे 20 लाख : बाली
Sun, 18 May 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 18 May 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
जिला स्तरीय दानवीर कर्ण श्री मूल माहूंनाग मेले में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे आरएस बाली देवता से आ
करसोग (मंडी)। ग्राम पंचायत माहूंनाग के डीपीएफ ओडा जंग भमनाला गांव का 20 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह घोषणा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने रविवार को पांच दिवसीय जिला स्तरीय दानवीर कर्ण श्री मूल माहूंनाग मेले के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में की।
इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला माहूंनाग को दो लाख रुपये और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए माहूंनाग स्कूल को 15 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। समारोह से पहले आरएस बाली ने देवता मूल माहूंनाग की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और मेले हमारी परंपरा की पहचान हैं, जिन्हें आधुनिकता के साथ जोड़कर युवा पीढ़ी को इनसे जोड़ना आवश्यक है।
आरएस बाली ने कहा कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए उसके प्रति सच्ची भावना जरूरी है। हमारी प्राचीन संस्कृति हमें सामूहिकता, आस्था और अनुशासन सिखाती है। मेले ऐसे आयोजन हैं जो समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर मंदिर एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष रमेश कुमार और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. केवल शर्मा ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र जमवाल ने भी अपनी ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला माहूंनाग को दो लाख रुपये और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए माहूंनाग स्कूल को 15 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। समारोह से पहले आरएस बाली ने देवता मूल माहूंनाग की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और मेले हमारी परंपरा की पहचान हैं, जिन्हें आधुनिकता के साथ जोड़कर युवा पीढ़ी को इनसे जोड़ना आवश्यक है।
विज्ञापन
आरएस बाली ने कहा कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए उसके प्रति सच्ची भावना जरूरी है। हमारी प्राचीन संस्कृति हमें सामूहिकता, आस्था और अनुशासन सिखाती है। मेले ऐसे आयोजन हैं जो समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर मंदिर एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष रमेश कुमार और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. केवल शर्मा ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र जमवाल ने भी अपनी ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए।
विज्ञापन