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रखोह पंचायत के दो गांव करेंगे चुनावों का बहिष्कार
Updated Tue, 31 Oct 2017 07:10 PM IST
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रखोह पंचायत के दो गांवों के लोगों ने चुनाव बहिष्कार को चेताया
ग्रामीण बोले, 8 नवंबर तक हल की जाए पेयजल और सड़क समस्या
समाधान नहीं हुआ तो 9 नवंबर को नहीं डालेंगे वोट
अमर उजाला
धर्मपुर (मंडी)।
क्षेत्र की रखोह पंचायत के दो गांवों जंधरु खुर्द और जनधरु कलां के लोगों ने इस बार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। इन गांवों में कुल 762 मतदाता हैं। ग्रामीणों ने यह निर्णय सड़क और पेयजल की समस्याओं का कई वर्षों बाद भी नियमित समाधान न होने के चलते लिया है। लोगों ने इस बार राजनेताओं, अफसरों को सबक सिखाने की बात कही है। रविवार को जंधरु खुर्द में ग्रामीणों ने एक बैठक की। इसमें करीब 300 लोगों ने भाग लिया। 4 घंटे चली इस बैठक में इस बात पर कड़ा रोष जताया गया कि इन गांवों के लिए पुराने प्राकृतिक स्रोतों को सड़क निर्माण की भेंट चढ़ा दिया गया। वहीं, यहां लोगों को कई महीनों से पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। सड़क की हालत भी खस्ता है। रखोह पंचायत के पूर्व प्रधान अधिवक्ता पंजाब सिंह तपवाल और हमीरपुर नगर परिषद के पूर्व पार्षद दिग्विजय ठाकुर की अगुवाई में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने एकमत से निर्णय लिया कि अगर 8 नवंबर तक सड़क वह बावड़ियों की दशा नहीं सुधारी जाती तो कोई भी ग्रामीण 9 नवंबर को लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेेगा। बैठक में पूर्व प्रधान एडवोकेट पंजाब सिंह तपवाल, पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह ठाकुर, पूर्व प्रधान सुरेश बेनीवाल, एडवोकेट भारत बन्याल, विधि चंद, रोशन लाल, बलदेव, महेंद्र बनिहाल, दिनेश हंसराज, बक्शी राम, दलित नेता घुंगर राम, प्रमिला, महेंद्र, रिंकू, कृष्णपाल, राकेश, रितेश, हेमा देवी, वैष्णो देवी, सरला देवी आदि मौजूद रहे।
नाबार्ड से बनी सड़क ने बंद की बावड़ियां
कांगो का गलू से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी जधरु सड़क पिछले दो दशकों से बदहाल है। यह सड़क 1980 में गांव वालों की मेहनत से तैयार की गई थी। हाल ही में सरकार की ओर से नाबार्ड के तहत डली से चोलथरा सड़क इस गांव से गुजारी गई, जिसके निर्माण के चलते गांव की दोनों बावड़ियां बंद हो गई। उनके मुहानों को बंद कर यहां पर एकमात्र हैंडपंप लगा है, जिससे पानी नहीं निकलता है। सरकारी नलों से महीने में बहुत कम बार लोगों को पेयजल नसीब होता है। यहां तक कि सड़क की दशा सुधारने और बावड़ियों को ठीक करने को लेकर ग्रामीण लोक निर्माण विभाग हमीरपुर और नाबार्ड ऑफिस शिमला में भी आला अधिकारी से मिल चुके हैं। नाबार्ड ने अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के आदेश दिए थे लेकिन, आज तक इन आदेशों पर अमल नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वह सड़क और पेयजल की दुर्दशा को लेकर कई बार विभाग, प्रशासन व राजनेताओं को बता चुके हैं लेकिन कोई भी राजनेता इस समस्या का समाधान करवाने में कामयाब नहीं हो पाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में लोक निर्माण विभाग धर्मपुर के एक्सईएन प्रमोद कश्यप ने कहा कि सड़क की दुर्दशा को लेकर रिपोर्ट मंगवाई गई है। मैं स्वयं वहां का दौरा करूंगा। अगर ऐसा है तो युद्ध स्तर पर सड़क ठीक करवा दी जाएगी। वहीं, आईपीएच सरकाघाट के एक्सईएन आरएस जसवाल ने कहा कि पता लगाएंगे कि लोगों को महीनों से मात्र एक ही बार पानी क्यों मिल रहा है। अगर ऐसा है तो स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम मुकेश रेस्पवाल ने कहा कि गांवों में सड़क व पानी की समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए हर हाल में मतदान करवाया जाएगा।
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स्वयं करूंगा गांवों का दौरा : महेंद्र सिंह
इस बारे में जब विधायक महेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उन्होंने पूर्ण विकास करवाया है। अगर इन गांवों में किन्हीं कारणों से पानी, सड़क की समस्याएं आ रही है तो इसका समाधान करवाया जाएगा। वह स्वयं इन गांवों में जाकर लोगों से बात करेंगे।
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ग्रामीण बोले, 8 नवंबर तक हल की जाए पेयजल और सड़क समस्या
समाधान नहीं हुआ तो 9 नवंबर को नहीं डालेंगे वोट
अमर उजाला
धर्मपुर (मंडी)।
क्षेत्र की रखोह पंचायत के दो गांवों जंधरु खुर्द और जनधरु कलां के लोगों ने इस बार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। इन गांवों में कुल 762 मतदाता हैं। ग्रामीणों ने यह निर्णय सड़क और पेयजल की समस्याओं का कई वर्षों बाद भी नियमित समाधान न होने के चलते लिया है। लोगों ने इस बार राजनेताओं, अफसरों को सबक सिखाने की बात कही है। रविवार को जंधरु खुर्द में ग्रामीणों ने एक बैठक की। इसमें करीब 300 लोगों ने भाग लिया। 4 घंटे चली इस बैठक में इस बात पर कड़ा रोष जताया गया कि इन गांवों के लिए पुराने प्राकृतिक स्रोतों को सड़क निर्माण की भेंट चढ़ा दिया गया। वहीं, यहां लोगों को कई महीनों से पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। सड़क की हालत भी खस्ता है। रखोह पंचायत के पूर्व प्रधान अधिवक्ता पंजाब सिंह तपवाल और हमीरपुर नगर परिषद के पूर्व पार्षद दिग्विजय ठाकुर की अगुवाई में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने एकमत से निर्णय लिया कि अगर 8 नवंबर तक सड़क वह बावड़ियों की दशा नहीं सुधारी जाती तो कोई भी ग्रामीण 9 नवंबर को लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेेगा। बैठक में पूर्व प्रधान एडवोकेट पंजाब सिंह तपवाल, पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह ठाकुर, पूर्व प्रधान सुरेश बेनीवाल, एडवोकेट भारत बन्याल, विधि चंद, रोशन लाल, बलदेव, महेंद्र बनिहाल, दिनेश हंसराज, बक्शी राम, दलित नेता घुंगर राम, प्रमिला, महेंद्र, रिंकू, कृष्णपाल, राकेश, रितेश, हेमा देवी, वैष्णो देवी, सरला देवी आदि मौजूद रहे।
नाबार्ड से बनी सड़क ने बंद की बावड़ियां
कांगो का गलू से करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी जधरु सड़क पिछले दो दशकों से बदहाल है। यह सड़क 1980 में गांव वालों की मेहनत से तैयार की गई थी। हाल ही में सरकार की ओर से नाबार्ड के तहत डली से चोलथरा सड़क इस गांव से गुजारी गई, जिसके निर्माण के चलते गांव की दोनों बावड़ियां बंद हो गई। उनके मुहानों को बंद कर यहां पर एकमात्र हैंडपंप लगा है, जिससे पानी नहीं निकलता है। सरकारी नलों से महीने में बहुत कम बार लोगों को पेयजल नसीब होता है। यहां तक कि सड़क की दशा सुधारने और बावड़ियों को ठीक करने को लेकर ग्रामीण लोक निर्माण विभाग हमीरपुर और नाबार्ड ऑफिस शिमला में भी आला अधिकारी से मिल चुके हैं। नाबार्ड ने अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के आदेश दिए थे लेकिन, आज तक इन आदेशों पर अमल नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वह सड़क और पेयजल की दुर्दशा को लेकर कई बार विभाग, प्रशासन व राजनेताओं को बता चुके हैं लेकिन कोई भी राजनेता इस समस्या का समाधान करवाने में कामयाब नहीं हो पाया।
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क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में लोक निर्माण विभाग धर्मपुर के एक्सईएन प्रमोद कश्यप ने कहा कि सड़क की दुर्दशा को लेकर रिपोर्ट मंगवाई गई है। मैं स्वयं वहां का दौरा करूंगा। अगर ऐसा है तो युद्ध स्तर पर सड़क ठीक करवा दी जाएगी। वहीं, आईपीएच सरकाघाट के एक्सईएन आरएस जसवाल ने कहा कि पता लगाएंगे कि लोगों को महीनों से मात्र एक ही बार पानी क्यों मिल रहा है। अगर ऐसा है तो स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम मुकेश रेस्पवाल ने कहा कि गांवों में सड़क व पानी की समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए हर हाल में मतदान करवाया जाएगा।
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स्वयं करूंगा गांवों का दौरा : महेंद्र सिंह
इस बारे में जब विधायक महेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उन्होंने पूर्ण विकास करवाया है। अगर इन गांवों में किन्हीं कारणों से पानी, सड़क की समस्याएं आ रही है तो इसका समाधान करवाया जाएगा। वह स्वयं इन गांवों में जाकर लोगों से बात करेंगे।