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मंडी-जोगिंद्रनगर एनएच पर यातायात बहाली पर निर्णय आज 19-22-33
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:59 PM IST
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पधर (मंडी)। कोटरोपी त्रासदी में लापता हुए दो लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन 10वें दिन भी जारी रहा। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 10 दिनों से बंद पड़े हाईवे को बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मंगलवार शाम करीब सात बजे तक कर दी है। मगर प्रशासन की अनुमति के बिना हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं किया जा सका है। जिला प्रशासन प्रमुख उपायुक्त संदीप कदम को सूचना देने और प्रशासन द्वारा जायजा लेने के उपरांत बुधवार को हाईवे को बहाल करने की पूरी उम्मीद है।
हाईवे बहाल होने से लोगों खासकर वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। एनएच को बहाल करने के लिए विभाग की ओर से अधिशाषी अभियंता अनिल संग्राय, एसडीओ सूमन सूद, जेई राकेश गुप्ता पिछले 10 दिनों से कोटरोपी की पहाड़ी के नीचे मोरचा संभाले हुए हैं। रोजाना सुबह होते ही मशीनों को एनएच पर मलबा हटाने में तैनात कर दिया जाता है। अधिशाषी अभियंता अनिल संग्राय ने बताया कि पहाड़ी के नीचे से पानी की बनी झीलों के पानी की निकासी को कारगर कदम उठाने के चलते हाईवे को बहाल करने में देरी हुई। यहां पहाड़ी के नीचे से पानी की निकासी का रुख सुरक्षित पूर्व की भांति कर दिया है, ताकि एनएच पर किसी प्रकार की परेशानी न हो। जोगिंद्रनगर छोर की ओर हाईवे पर पानी की निकासी को पाइपें बिछाई गई हैं। मार्ग के बहाल होने के उपरांत भी एनएच अॅथारिटी की घटना स्थल पर बराबर चौकसी रहेगी। उधर, प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पधर पिछले 10 दिनों से शवों के सर्च अभियान को देख रहे हैं। थाना प्रभारी प्रीतम सिंह जरियाल अभियान में पहाड़ी के नीचे से राहगीरों के पैदल गंतव्य पर पुलिस के सुरक्षा जवानों के साथ नजर रखे हुए है। बुधवार को हाईवे बहाल हो जाता है तो यहां तैनात प्रशासनिक अमले को भी एक बड़ी राहत मिलेगी। हादसे में जोगिंद्रनगर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अध्यापक प्रेम सिंह और उत्तर प्रदेश के महू जिला की मधु अभी तक लापता हैं।
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हाईवे बहाल होने से लोगों खासकर वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। एनएच को बहाल करने के लिए विभाग की ओर से अधिशाषी अभियंता अनिल संग्राय, एसडीओ सूमन सूद, जेई राकेश गुप्ता पिछले 10 दिनों से कोटरोपी की पहाड़ी के नीचे मोरचा संभाले हुए हैं। रोजाना सुबह होते ही मशीनों को एनएच पर मलबा हटाने में तैनात कर दिया जाता है। अधिशाषी अभियंता अनिल संग्राय ने बताया कि पहाड़ी के नीचे से पानी की बनी झीलों के पानी की निकासी को कारगर कदम उठाने के चलते हाईवे को बहाल करने में देरी हुई। यहां पहाड़ी के नीचे से पानी की निकासी का रुख सुरक्षित पूर्व की भांति कर दिया है, ताकि एनएच पर किसी प्रकार की परेशानी न हो। जोगिंद्रनगर छोर की ओर हाईवे पर पानी की निकासी को पाइपें बिछाई गई हैं। मार्ग के बहाल होने के उपरांत भी एनएच अॅथारिटी की घटना स्थल पर बराबर चौकसी रहेगी। उधर, प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पधर पिछले 10 दिनों से शवों के सर्च अभियान को देख रहे हैं। थाना प्रभारी प्रीतम सिंह जरियाल अभियान में पहाड़ी के नीचे से राहगीरों के पैदल गंतव्य पर पुलिस के सुरक्षा जवानों के साथ नजर रखे हुए है। बुधवार को हाईवे बहाल हो जाता है तो यहां तैनात प्रशासनिक अमले को भी एक बड़ी राहत मिलेगी। हादसे में जोगिंद्रनगर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अध्यापक प्रेम सिंह और उत्तर प्रदेश के महू जिला की मधु अभी तक लापता हैं।
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