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कोटरोपी में पुलिस की निगरानी में होगी वाहनों की आवाजाही
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मंडी/पधर। अगस्त 2017 में 50 लोगों की जिंदगी छीनने वाला मंडी-पठानकोट एनएच पर कोटरोपी पहाड़ अभी भी खतरा बना हुआ है। मानसून में तेज बारिश के दौरान यहां भूस्खलन का अंदेशा है। 2017 की तरह हादसा न हो इसके लिए इस संवेदनशील जगह पर पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है। यह जवान संभावित हादसा क्षेत्र के दोनों ओर तैनात रहेंगे। इन्हीं जवानों की देखरेख में कोटरोपी में यातायात भी चलेगा। वहीं मनाली एनएच पर डयोड में भी पहाड़ी दरकने का खतरा बना हुए है। जहां पुलिस की निगरानी में ही वाहन संवेदनशील क्षेत्र से गुजर रहे हैं। वहीं अब कोटरोपी में भी पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
कोटरोपी पहाड़ भूस्खलन की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। भूस्खलन से जान माल के नुकसान के लिए प्रशासन ने यहां पर आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार सेंसर लगाए हैं। भूस्खलन की हलचल को पहले ही भांप कर ये सेंसर तैैनात पुलिस जवानों और आसपास के क्षेत्र के लोगों को एसएमएस के माध्यम से सूचना देते हैं। अगर इस दौरान कोई घटना हो भी जाती है, तो उस स्थिति से निपटने के लिए भी प्रशासन की ओर पूरे प्रबंध किए गए हैं। अगर कोई घायल हो जाता है तो तैनात जवानों के पास प्राथमिक उपचार का पूरा सामान उपलब्ध करवाया गया है, साथ ही उनको फर्स्ट एड का पूरा प्रशिक्षण भी प्रदान किया है।
उधर, डीएसपी मदनकांत ने कहा कि बरसात शुरू होते ही कोटरोपी पहाड़ के दोनों तरफ जवानों को तैनात कर दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की ओर से पूरा प्रबंध किया गया है।
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कोटरोपी पहाड़ भूस्खलन की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। भूस्खलन से जान माल के नुकसान के लिए प्रशासन ने यहां पर आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार सेंसर लगाए हैं। भूस्खलन की हलचल को पहले ही भांप कर ये सेंसर तैैनात पुलिस जवानों और आसपास के क्षेत्र के लोगों को एसएमएस के माध्यम से सूचना देते हैं। अगर इस दौरान कोई घटना हो भी जाती है, तो उस स्थिति से निपटने के लिए भी प्रशासन की ओर पूरे प्रबंध किए गए हैं। अगर कोई घायल हो जाता है तो तैनात जवानों के पास प्राथमिक उपचार का पूरा सामान उपलब्ध करवाया गया है, साथ ही उनको फर्स्ट एड का पूरा प्रशिक्षण भी प्रदान किया है।
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उधर, डीएसपी मदनकांत ने कहा कि बरसात शुरू होते ही कोटरोपी पहाड़ के दोनों तरफ जवानों को तैनात कर दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की ओर से पूरा प्रबंध किया गया है।
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