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जिला मंडी में पहुंची विदेशी सेब के पौधों की खेप
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जिला मंडी पहुंची विदेशी सेब के पौधों की खेप
मौसम अनुकूल होने के चलते इन प्रजातियों को लगाने का समय भी उपयुक्त
बागवान कर रहे थे विदेशी पौध का इंतजार
सतीश ठाकुर
गोहर(मंडी)। जिला बागवानी विभाग के पास विदेशी सेब की पौध पहुंच गई है। सेब की विदेशी पौध का बागवान बेसब्री से इंतजार कर रहा था। मौसम के अनुकूल होने के चलते इन प्रजातियों को लगाने का समय भी उपयुक्त है। लेकिन सेब की विदेशी पौध न पहुंचने से बागवानों को मायूसी हाथ लग रही थी। यह मुद्दा बागवानों ने अमर उजाला के माध्यम से जोर शोर से उठाया था। लेकिन बागवानों की मांग पर विदेशी सेब की पौध पहुंच चुकी है। सेब उद्यान प्रसार केंद्रों से यह पौध हाथों हाथ बिकने को तैयार है। मंडी जिला में गोहर, जंजैहली, सुंदरनगर, करसोग और सदर ब्लाकों में विदेशी सेब की खेप पहुंचने से बागबान गदगद हो उठे हैं।
उद्यान प्रसार केंद्रों में पहुंची इटली की इन प्रजातियों में जेरामाइन, सेलेट स्पर, रेड कैप बेलटेड, गेल गाला, ब्रुक बॉंड फिल्ड, गलोलटीमा, गाला बीनू सफींगल और गेलवाल हैं। हर ब्लॉक में करीब 2 हजार से 22 सौ विदेशी पौधे बागबानी विभाग कलस्टर से जुड़े सेब बागबानों को उपलब्ध करवा रहा है। सेब की संबंधित वैरायटी 3 साल में सैंपल देगा और गुणवत्ता में भी यह सेब दूसरी सेब प्रजातियों को मात देता है।
सभी बागवानों को मिले लाभ
नाचन फ्रूट एंड वेजिटेबल संघ के प्रधान बीके ठाकुर और सिराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बागवानी विभाग से मांग की है कि कलस्टर से सभी सेब बागवानों को जोड़ा जाए। इससे सेब बागवान विदेशों से आयातित सेब प्रजातियों का भरपूर लाभ ले सके। बागवानों चंद्रमणि ठाकुर, लाभ सिंह, सुरेश शर्मा, मनोज कुमार, दीवान चंद, दीनानाथ, महेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, भोला राम, देवेंद्र शर्मा, गंगवीर और प्रेम ठाकुर ने बताया कि उन्हें विदेशी सेब की प्रजातियां मिलने से अब वह अपने बगीचों में सेब की आधुनिक खेती करेंगे। इससे अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सके।
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कलस्टर से जुड़े बागवानों को दी जा रही पौध: एपी कपूर
उधर, एपी कपूर उपनिदेशक उद्यान विभाग मंडी ने मंडी जिला में बागवानी विभाग के अधीन इस समय बागवानों के 28 कलस्टर बनाए गए हैं। विभाग कलस्टर से सभी बागबानों को जोड़ने का अभियान जारी रखे हुए है। कलस्टर से जो बागवान जुड़े हैं। उन्हें विदेशी सेब की प्रजाति उपलब्ध की जा रही है। मंडी जिला में विदेशों से आयात की गई सेब की पौध पहुंच गई है। इसको बागबानी विभाग के उद्यान प्रसार केंद्रों में भेज दिया गया है।
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मौसम अनुकूल होने के चलते इन प्रजातियों को लगाने का समय भी उपयुक्त
बागवान कर रहे थे विदेशी पौध का इंतजार
सतीश ठाकुर
गोहर(मंडी)। जिला बागवानी विभाग के पास विदेशी सेब की पौध पहुंच गई है। सेब की विदेशी पौध का बागवान बेसब्री से इंतजार कर रहा था। मौसम के अनुकूल होने के चलते इन प्रजातियों को लगाने का समय भी उपयुक्त है। लेकिन सेब की विदेशी पौध न पहुंचने से बागवानों को मायूसी हाथ लग रही थी। यह मुद्दा बागवानों ने अमर उजाला के माध्यम से जोर शोर से उठाया था। लेकिन बागवानों की मांग पर विदेशी सेब की पौध पहुंच चुकी है। सेब उद्यान प्रसार केंद्रों से यह पौध हाथों हाथ बिकने को तैयार है। मंडी जिला में गोहर, जंजैहली, सुंदरनगर, करसोग और सदर ब्लाकों में विदेशी सेब की खेप पहुंचने से बागबान गदगद हो उठे हैं।
उद्यान प्रसार केंद्रों में पहुंची इटली की इन प्रजातियों में जेरामाइन, सेलेट स्पर, रेड कैप बेलटेड, गेल गाला, ब्रुक बॉंड फिल्ड, गलोलटीमा, गाला बीनू सफींगल और गेलवाल हैं। हर ब्लॉक में करीब 2 हजार से 22 सौ विदेशी पौधे बागबानी विभाग कलस्टर से जुड़े सेब बागबानों को उपलब्ध करवा रहा है। सेब की संबंधित वैरायटी 3 साल में सैंपल देगा और गुणवत्ता में भी यह सेब दूसरी सेब प्रजातियों को मात देता है।
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सभी बागवानों को मिले लाभ
नाचन फ्रूट एंड वेजिटेबल संघ के प्रधान बीके ठाकुर और सिराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बागवानी विभाग से मांग की है कि कलस्टर से सभी सेब बागवानों को जोड़ा जाए। इससे सेब बागवान विदेशों से आयातित सेब प्रजातियों का भरपूर लाभ ले सके। बागवानों चंद्रमणि ठाकुर, लाभ सिंह, सुरेश शर्मा, मनोज कुमार, दीवान चंद, दीनानाथ, महेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, भोला राम, देवेंद्र शर्मा, गंगवीर और प्रेम ठाकुर ने बताया कि उन्हें विदेशी सेब की प्रजातियां मिलने से अब वह अपने बगीचों में सेब की आधुनिक खेती करेंगे। इससे अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सके।
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कलस्टर से जुड़े बागवानों को दी जा रही पौध: एपी कपूर
उधर, एपी कपूर उपनिदेशक उद्यान विभाग मंडी ने मंडी जिला में बागवानी विभाग के अधीन इस समय बागवानों के 28 कलस्टर बनाए गए हैं। विभाग कलस्टर से सभी बागबानों को जोड़ने का अभियान जारी रखे हुए है। कलस्टर से जो बागवान जुड़े हैं। उन्हें विदेशी सेब की प्रजाति उपलब्ध की जा रही है। मंडी जिला में विदेशों से आयात की गई सेब की पौध पहुंच गई है। इसको बागबानी विभाग के उद्यान प्रसार केंद्रों में भेज दिया गया है।