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किसानों की मेहनत पर गिरे ओले, नगदी फसलें तबाह

Sat, 07 Apr 2018 11:05 PM IST
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:05 PM IST
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किसानों की मेहनत पर गिरे ओले, नगदी फसलें तबाह
- फोटो : अमर उजाला
मंडी/ लडभड़ोल/नगवाईं। जिले में शनिवार को ओलावृष्टि, बारिश और तूफान ने कहर बरपाया है। शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर बाद जिलेभर में ओलावृष्टि से नगदी फसलें तबाह हो गई हैं। इसके साथ ही गेहूं, मसर, प्याज की पैदावार को भी खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं ग्राम पंचायत नगवाईं के गही गांव में बिजली गिरने के कारण प्राथमिक पाठशाला की वायरिंग जल गई। घटना के वक्त स्कूल में मौजूद बच्चे भी बाल बाल बचे। इसी गांव में छपे राम पुत्र खीमा राम के घास का कोठा बिजली गिरने से राख हो गया। जिससे एक मवेशी की मौत हो गई है। दूसरी तरफ लडभड़ोल के तुलाह पंचायत के सनहाली, खद्दर और चूल्ला गांव में जमकर ओलावृष्टि हुई है। गेहूं, मसर और लहसुन की पैदावार बर्बाद हो गई है। जोगिंद्रनगर जन विकास सभा के प्रधान राजेंद्र सिंह चौहान, कृष्ण सिंह, बुधि सिंह, दलीप सिंह ने कहा कि आम की पैदावार भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। वहीं, बालीचौकी में भी पैदावार पर खासा नुकसान हुआ है। किसान शनिवार को हुई ओलावृष्टि को प्राकृतिक आपदा बताते हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उधर, चौंतड़ा स्थित विषयबाद विशेषज्ञ सुरेश कुमार ने बताया कि फील्ड से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। जिसे आला अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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स्टोरी-02
बारिश ओलावृष्टि से करोड़ों की सेब बागवानी प्रभावित
सेब फ्लावरिंग पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
मंडी जिले में आजकल फूलों से गुलजार हैं बगीचे
बिंदर ठाकुर
गोहर (मंडी)। मौसम के एकाएक करवट बदलने से करोड़ों की सेब बागवानी पर खतरा मंडरा गया है। मंडी जिले के सेब बगीचों में फ्लावरिंग यौवन पर है और मौसम ने भी रंग बदलना शुरू कर दिया है। आगामी एक सप्ताह तक मौसम विभाग के खराब मौसम रहने के संभावना से बागवान चिंतित हो गए हैं। कमरूघाटी, एप्पल वैली करसोग और जंजैहली में इस समय सेब बगीचों में फूलों की भरमार है। मगर बारिश, हवा और ओलों की संभावना के चलते बागवानों के चेहरे मुरझा गए हैं। शनिवार से मौसम ने करवट बदलकर बागवानों को चिंतित कर दिया है। बारिश होने से सेब पौधों से फूल झड़ रहे हैं और जिससे सेब की सेटिंग पर प्रतिकूल असर होने लगा है। कमरूघाटी के सेब बगीचों में फुल फ्लावरिंग है और बागवान छिड़काव करने की तैयारी में थे। मगर मौसम के करवट बदलते ही बागवानों ने बागवानी विभाग की छिड़काव सारिणी के अनुसार फूलों पर छिड़काव करना रोक दिया है। जिससे सेब की सेटिंग पर खतरा मंडरा गया है। क्षेत्र के बागवानों हेम सिंह ठाकुर, दीवान चंद, यशवंत ठाकुर, चंद्रमणी, मनोज कुमार, लाभ सिंह ठाकुर, नारायण सिंह, चतर सिंह, तेज सिंह और गोपाल ठाकुर ने बताया कि इस समय सेब बगीचों में फूलों की बहार है और परागण प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन अचानक बारिश का दौर शुरू होने से करोड़ों की बागवानी प्रभावित हो सकती है। बागवानी विशेषज्ञ भी फ्लावरिंग के समय बारिश शुरू होने से सकते में आ गए हैं। क्षेत्र के करसोग, पांगणा, चरखडी, चुराग, रोहांडा, घीड़ी, शकोहर, बाढू, कुटाहची, सरोआ, जबाल, फनगयार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, कांढा, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, थाची, पंजाई में सेब बगीचों में फ्लावरिंग यौवन पर है। जहां बारिश ने खेल बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा है कि फ्लावरिंग के समय बारिश और ठंड पड़ती है तो परागण प्रक्रिया बाधित होगी। जिससे सेब की सेटिंग नहीं होगी और करोड़ों की बागवानी पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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