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Mandi Cloudburst: धंस रहा कालंग गांव, लोगों ने घर से दो किमी दूर खेतों में लगाए टेंट; तिरपाल देने की मांग
Fri, 18 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 18 Jul 2025 05:00 AM IST
सार
जिला मंडी के कालंग गांव पर भूस्खलन से खतरा मंडरा रहा है। गांव को धंसता देख बुधवार शाम और वीरवार सुबह सभी 14 परिवारों ने घर से दो किलोमीटर दूर खेतों में टेंट लगा लिए। पढ़ें पूरी खबर...
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मंडी जिले की तहसील कटौला की पंचायत सेगली के कालंग गांव के बाशिंदों ने खेतों में लगाए टेंट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बारिश और भूस्खलन से मंडी जिले की कटौला तहसील के कालंग गांव पर धंसने का खतरा मंडरा गया है। सहमे लोगों ने दो किलोमीटर दूर खेतों में टेंट लगा लिए हैं। हालांकि, बारिश के कारण टेंटों में पानी घुस रहा है। इससे लोग अब गोशालाओं में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। कालंग गांव के नीचे पहाड़ी में लगातार भूस्खलन होने से 14 परिवारों पर विस्थापन का संकट छा गया है।
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गांव को धंसता देख बुधवार शाम और वीरवार सुबह सभी 14 परिवारों ने घर से दो किलोमीटर दूर खेतों में टेंट लगा लिए। प्रभावित बालक राम, राज कुमार, लाल सिंह, वीर सिंह, कुरम देव, रमेश, चंद्रमणि और राजन ने बताया कि टेंट काफी पतले हैं और भारी बारिश पर पानी अंदर घुस रहा है। इससे टेंटों में रहना मुश्किल है। टेंट के अंदर रखा सामान भीग रहा है। इससे प्रभावित लोगों को अब गोशालाओं में शरण लेनी पड़ रही है। बिजली और पानी की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। इससे प्रभावित लोग परेशान हैं। अब तिरपाल के लिए प्रशासन से फिर गुहार लगाई जाएगी।
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ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2013 से गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। घरों से दरारें 100 मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी हैं। लगातार हो रही भारी बारिश से प्रभावित सहम गए और अब टेंट भी साथ नहीं दे रहे हैं। इससे गोशालाओं में शरण लेनी पड़ी। उन्होंने बताया कि जंगल साथ में होने के चलते बिजली और पानी की व्यवस्था बेहद जरूरी है। मानसून सीजन में भूस्खलन और आपदा के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन कालंग गांव का असुरक्षित घोषित कर चुका है। ग्रामीणों को अस्थायी तौर पर दूसरी जगह बसाए जाने की तैयारी है।
आपदा प्रभावितों की तरह की जाए सहायता
प्रभावितों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि बेघर हुए आपदा प्रभावितों की तर्ज पर उन्हें भी घर बनाने के लिए सात-सात लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए। प्रभावितों के अनुसार गांव पूरी तरह असुरक्षित है और बारिश के मौसम में यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। लगातार भूस्खलन हो रहा है, जमीन खिसक रही है।
प्रभावितों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि बेघर हुए आपदा प्रभावितों की तर्ज पर उन्हें भी घर बनाने के लिए सात-सात लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए। प्रभावितों के अनुसार गांव पूरी तरह असुरक्षित है और बारिश के मौसम में यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। लगातार भूस्खलन हो रहा है, जमीन खिसक रही है।
प्रशासन लगातार कालंग गांव के लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। नए तिरपाल देने के लिए उन्हें कहा गया है लेकिन बारिश के चलते वीरवार को प्रभावित कटौला नहीं पहुंच पाए। शुक्रवार को तिरपाल मुहैया करवाए जाएंगे। बिजली और पानी के लिए भी संबंधित विभाग के कर्मचारियों को कहा गया है। जल्द व्यवस्था करवा दी जाएगी। - अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, कटौला