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Mandi: बागवानी कॉलेज थुनाग को शिफ्ट करने के विरोध में प्रदर्शन, मंत्री का घेराव; गाड़ी के आगे लेट गईं महिलाएं
Fri, 25 Jul 2025 09:39 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 25 Jul 2025 09:39 PM IST
सार
बागवानी एवं वानिकी कॉलेज को थुनाग से नाचन शिफ्ट करने के विरोध में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का घेराव किया। ग्रामीणों ने मंत्री का काफिला रोक दिया और वाहन पर काले झंडे फेंके। यहां तक कि जूते भी फेंके गए।
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थुनाग में राजस्व मंत्री की गाड़ी के आगे लेटी प्रदर्शनकारी महिलाएं।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बागवानी एवं वानिकी कॉलेज को थुनाग से नाचन शिफ्ट करने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने थुनाग पहुंचे राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का घेराव किया। ग्रामीणों ने मंत्री का काफिला रोक दिया और वाहन पर काले झंडे फेंके। यहां तक कि जूते भी फेंके गए। माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस बल को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ महिलाएं तो वाहन के आगे लेट गईं। महिला पुलिस जवानों ने उन्हें समझाकर उठाया।
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गुस्साए लोगों ने कहा कि थुनाग में काॅलेज चलाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है, फिर भी छात्रों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। मंत्री जगत नेगी थुनाग विश्राम गृह में अधिकारियों से बैठक कर रहे थे। बाहर लोग काॅलेज की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। लोग मंत्री को बाहर बुलाने को लेकर भी नारेबाजी करते रहे। डीसी अपूर्व देवगन ने आक्रोशित जनता को समझाने की कोशिश की, मगर जनता नहीं मानी। उधर, भाजपा नेता कमल राणा और गुलजारी लाल ने चेताया कि अधिसूचना रद्द नहीं हुई तो वे न्यायालय जाएंगे। कहा कि सराज के लोगों के साथ सरकार साजिश कर रही है। हालांकि मंत्री नेगी ने आश्वासन दिया कि जनता की भावना को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इससे असंतुष्ट लोगों ने उनका काफिला रोक लिया। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए डीसी अपूर्व देवगन और एसपी साक्षी वर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। तनावपूर्ण माहौल के बीच मंत्री नेगी चैलचौक की ओर रवाना हुए।
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यह है मामला
वीरवार को सरकार ने बागवानी एवं वानिकी काॅलेज थुनाग को नाचन के गड़ाहरी स्थित अटल आदर्श विद्यालय में अस्थायी तौर पर शिफ्ट करने की अधिसूचना जारी की थी। इस पर लोग भड़क उठे और थुनाग पहुंचे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का घेराव कर दिया।
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जगत सिंह नेगी बोले- मेरे काफिले को रोकना भाजपा की सोची समझी साजिश
वहीं, सराज के थुनाग में हुए घेराव और काफिला रोके जाने के मामले पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी की प्रतिक्रिया आई है। थुनाग से वापिस लौटते वक्त गोहर के बासा स्थित विश्राम गृह में उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में अपना पक्ष रखा और इस सारे प्रकरण को भाजपा की सोची समझी साजिश बताया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि इसमें गांव वालों का कोई दोष नहीं, यह सारा प्रकरण भाजपा द्वारा रचित था। थुनाग बाजार के कुछ दुकानदार नहीं चाहते कि राजकीय औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय यहां से शिफ्ट हो, जबकि इसमें पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पहले भी यहां आपदा आ चुकी है। पूर्व सरकार ने यहां हॉस्टल बनाने के लिए कोई काम नहीं किया, बच्चों को रहने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। अब इस कॉलेज को गोहर उपमंडल के गुडाहरी में शिफ्ट करने की योजना है और जल्द ही सरकार के आदेशों पर इसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि उनके सराज दौरे के दौरान थुनाग को छोड़कर और कहीं पर भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावितों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं भी सुनी और उनका समाधान भी किया। नेगी ने कहा कि कालेज को लेकर कुछ लोग उनसे मिले थे और वे चाहते थे कि उनकी इच्छा के अनुसार मैं बयान दूं, लेकिन जो भी निर्णय होना है वह सरकार के निर्देशों पर ही होना है। मैं उसमें व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं कर सकता। नारेबाजी करके और मेरा रास्ता रोककर कुछ लोग मुझपर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे जोकि अनुचित था।
वहीं, सराज के थुनाग में हुए घेराव और काफिला रोके जाने के मामले पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी की प्रतिक्रिया आई है। थुनाग से वापिस लौटते वक्त गोहर के बासा स्थित विश्राम गृह में उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में अपना पक्ष रखा और इस सारे प्रकरण को भाजपा की सोची समझी साजिश बताया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि इसमें गांव वालों का कोई दोष नहीं, यह सारा प्रकरण भाजपा द्वारा रचित था। थुनाग बाजार के कुछ दुकानदार नहीं चाहते कि राजकीय औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय यहां से शिफ्ट हो, जबकि इसमें पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पहले भी यहां आपदा आ चुकी है। पूर्व सरकार ने यहां हॉस्टल बनाने के लिए कोई काम नहीं किया, बच्चों को रहने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। अब इस कॉलेज को गोहर उपमंडल के गुडाहरी में शिफ्ट करने की योजना है और जल्द ही सरकार के आदेशों पर इसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि उनके सराज दौरे के दौरान थुनाग को छोड़कर और कहीं पर भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावितों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं भी सुनी और उनका समाधान भी किया। नेगी ने कहा कि कालेज को लेकर कुछ लोग उनसे मिले थे और वे चाहते थे कि उनकी इच्छा के अनुसार मैं बयान दूं, लेकिन जो भी निर्णय होना है वह सरकार के निर्देशों पर ही होना है। मैं उसमें व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं कर सकता। नारेबाजी करके और मेरा रास्ता रोककर कुछ लोग मुझपर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे जोकि अनुचित था।