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Mandi International Mahashivratri Fair: बड़ादेव कमरुनाग को मिला न्यूंद्रा, 25 फरवरी को होगा भव्य मिलन; जानें
Tue, 04 Feb 2025 05:42 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 04 Feb 2025 05:42 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी में पधारने के लिए जनपद के बड़ा देव कमरूनाग को शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं डीसी मंडी की तरफ से मेले का पहला न्यून्द्रा (निमंत्रण) दे दिया गया है।
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अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
मंडी के अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले का आगाज करने के लिए जनपद के बड़ादेव कमरुनाग को डीसी मंडी की तरफ से दिया गया न्यूंद्रा (निमंत्रण) मिल गया है। 25 फरवरी को मंडी में देव कमरुनाग और राजदेवता माधोराय के भव्य मिलन के बाद महाशिवरात्रि महोत्सव के कारज विधिवत शुरू होंगे।
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देवता अपने निवास से मंडी कब रवाना होंगे, इसके बारे में मंदिर कमेटी ने अभी तिथि निर्धारित नहीं की है। बड़ादेव कमरुनाग जब तक मंडी नहीं पहुंचते तब तक महाशिवरात्रि मेला शुरू नहीं होता है। बड़ादेव के कारदारों ने मंडी महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। देवता के गूर देवी सिंह और कटवाल काहन सिंह ठाकुर ने देवता के 25 फरवरी को मंडी पहुंचने की पुष्टि की है। मंडी पहुंचने के लिए देवता को एक सप्ताह से अधिक का समय लगता है।
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जहल से मंडी तक देवता का जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाता है। 25 फरवरी को डीसी मंडी पुलघराट पर बड़ादेव की अगवानी करेंगे। इसके बाद देवता का मंडी शहर में मंडी रियासत का राज परिवार स्वागत करेगा और भगवान माधोराय के साथ देव कमरुनाग के मिलन से महाशिवरात्रि का आगाज होगा।
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एक माह चलेगा मेहमाननवाजी का दौर
मेहमाननवाजी के दौर में देव कमरुनाग करीब एक माह मंडी जिला में रहते हैं। देवता शिवरात्रि मेले के दौरान भक्तों के घरों में जाते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं। महाशिवरात्रि मेले में देव कमरुनाग अकेले टारना मंदिर में विराजमान रहते हैं। बाकी सभी देवता पड्डल मैदान में विराजमान रहते हैं।