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बात सुने बिना नहीं खाऊंगा अन्न : कर्णदेव
Sun, 03 Sep 2023 11:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 03 Sep 2023 11:10 PM IST
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कुल्लू। हाथीथान चौक पर बैठे फोरलेन प्रभावित कर्ण देव बोध की जिद है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती, वह अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं करेंगे। छह दिन से कर्ण बोध ने अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया है। हाथीथान चौक पर अन्य फोरलेन प्रभावितों के साथ कर्ण बोध तंबू के नीचे क्रमिक आमरण अनशन पर बैठे हैं।
करीब 15 परिवार यहां पर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। फोरलेन प्रभावितों का छठे दिन भी अनशन जारी रहा। क्रमिक अनशन को बढ़ता हुआ देख रविवार को मौके पर तहसीलदार भुंतर भी पहुंची। उन्होंने धरने पर बैठे हुए लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। एनएचएआई की अनदेखी से खफा अनशनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
अनशनकारियों को समझाने की कोशिशें सफल नहीं हो पाईं। फोरलेन प्रभावित कर्ण देव बोध ने कहा कि एनएचएआई की ओर से एक साल से मुआवजे को लेकर आश्वासन ही मिलता रहा लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से मांग उठाई लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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आखिरकार आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। कहा कि एनएचएआई ने फोरलेन का निर्माण करने के बाद पानी की उचित निकासी का भी प्रावधान नहीं किया है। इससे फोरलेन प्रभावितों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। एनएचएआई ने अभी तक मौके पर हमारी बात को सुना तक नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि एनएचएआई फोरलेन प्रभावितों के लिए कितना गंभीर है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी न होने तक क्रमिक आमरण अनशन जारी रहेगा।
.....
तहसीलदार भुंतर ने मौके पर जाकर अनशन पर बैठे लोगों की बातें सुनी हैं। प्रभावितों की मांगें जल्द पूरी की जाएंगी।
-आशुतोष गर्ग, उपायुक्त कुल्लू
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करीब 15 परिवार यहां पर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। फोरलेन प्रभावितों का छठे दिन भी अनशन जारी रहा। क्रमिक अनशन को बढ़ता हुआ देख रविवार को मौके पर तहसीलदार भुंतर भी पहुंची। उन्होंने धरने पर बैठे हुए लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। एनएचएआई की अनदेखी से खफा अनशनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
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अनशनकारियों को समझाने की कोशिशें सफल नहीं हो पाईं। फोरलेन प्रभावित कर्ण देव बोध ने कहा कि एनएचएआई की ओर से एक साल से मुआवजे को लेकर आश्वासन ही मिलता रहा लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से मांग उठाई लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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आखिरकार आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। कहा कि एनएचएआई ने फोरलेन का निर्माण करने के बाद पानी की उचित निकासी का भी प्रावधान नहीं किया है। इससे फोरलेन प्रभावितों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। एनएचएआई ने अभी तक मौके पर हमारी बात को सुना तक नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि एनएचएआई फोरलेन प्रभावितों के लिए कितना गंभीर है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी न होने तक क्रमिक आमरण अनशन जारी रहेगा।
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तहसीलदार भुंतर ने मौके पर जाकर अनशन पर बैठे लोगों की बातें सुनी हैं। प्रभावितों की मांगें जल्द पूरी की जाएंगी।
-आशुतोष गर्ग, उपायुक्त कुल्लू