{"_id":"67f4007147988db41a0ca5f6","slug":"without-roads-the-burden-of-life-is-on-the-back-kullu-news-c-89-1-ssml1015-144952-2025-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सड़क के बिना पीठ पर जिंदगी का बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सड़क के बिना पीठ पर जिंदगी का बोझ
Mon, 07 Apr 2025 10:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 07 Apr 2025 10:12 PM IST
विज्ञापन
सैंज घाटी के अतिदुर्गम गांव शाक्टी से बीमार महिला को उपचार के लिए पीठ पर ले जाते हुए।-संवाद
सैंज घाटी के गांवों में सड़क न होने से उठाकर कई किमी दूर पहुंचाने पड़ रहे मरीज
बीमार शाक्टी गांव की महिला को ऊबड़-खाबड़ रास्ते से उठाकर 20 किमी दूर पहुंचाया
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले के दुर्गम क्षेत्र आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण पीठ पर बोझ ढोने पर मजबूर है। बीमारी की हालत में मरीजों को कई किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ऐसा ही मामला सोमवार को उपमंडल बंजार की सैंज घाटी की गाड़ापारली पंचायत के दुर्गम गांव शाक्टी में सामने आया। गांव में मजदूरी का काम करने आई नेपाल मूल की महिला को ग्रामीणों ने 20 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया। महिला चागली शेरपा को कमर में अचानक दर्द हुआ। उन्हें उपचार के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्ते से निहारनी पहुंचाना पड़ा।
बता दें कि महिला का दर्द कम नहीं हुआ तो सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उन्हें कुर्सी और पीठ पर उठाकर ही मुख्य सड़क निहारनी तक पहुंचाया। वहां से उन्हें वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज लाया गया। उधर, पंचायत प्रधान यमुना देवी, उपप्रधान अजय ने कहा कि गांव सड़क से 20 किमी दूर है। गांव की पैदल रास्तों की हालत भी खस्ता है। जब कोई बीमार पड़ जाता है तो ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क सुविधा से पंचायत को जोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
--
बीते दिन शांघड़ पंचायत से कुर्सी पर अस्पताल पहुंचाई थी महिला
शांघड़ पंचायत में भी गत रविवार को ऐसा मामला सामने आया था। लपाह गांव की महिला मरीज चमना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने हौसला दिखाते हुए कुर्सी पर ही दो डंडों के सहारे मरीज को आठ किलोमीटर दूर निहारनी पहुंचाया। यहां से मरीज को वाहन के माध्यम मेडिकल काॅलेज नेरचौक ले गया था।
--
विज्ञापन
बीमार शाक्टी गांव की महिला को ऊबड़-खाबड़ रास्ते से उठाकर 20 किमी दूर पहुंचाया
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले के दुर्गम क्षेत्र आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण पीठ पर बोझ ढोने पर मजबूर है। बीमारी की हालत में मरीजों को कई किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ऐसा ही मामला सोमवार को उपमंडल बंजार की सैंज घाटी की गाड़ापारली पंचायत के दुर्गम गांव शाक्टी में सामने आया। गांव में मजदूरी का काम करने आई नेपाल मूल की महिला को ग्रामीणों ने 20 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया। महिला चागली शेरपा को कमर में अचानक दर्द हुआ। उन्हें उपचार के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्ते से निहारनी पहुंचाना पड़ा।
विज्ञापन
बता दें कि महिला का दर्द कम नहीं हुआ तो सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उन्हें कुर्सी और पीठ पर उठाकर ही मुख्य सड़क निहारनी तक पहुंचाया। वहां से उन्हें वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज लाया गया। उधर, पंचायत प्रधान यमुना देवी, उपप्रधान अजय ने कहा कि गांव सड़क से 20 किमी दूर है। गांव की पैदल रास्तों की हालत भी खस्ता है। जब कोई बीमार पड़ जाता है तो ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क सुविधा से पंचायत को जोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
बीते दिन शांघड़ पंचायत से कुर्सी पर अस्पताल पहुंचाई थी महिला
शांघड़ पंचायत में भी गत रविवार को ऐसा मामला सामने आया था। लपाह गांव की महिला मरीज चमना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने हौसला दिखाते हुए कुर्सी पर ही दो डंडों के सहारे मरीज को आठ किलोमीटर दूर निहारनी पहुंचाया। यहां से मरीज को वाहन के माध्यम मेडिकल काॅलेज नेरचौक ले गया था।