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बूस्टर डोज के लिए करना होगा इंतजार
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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की डोज लगवाती महिला। -संवाद
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में 18 से 59 साल के पात्र लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। अस्पतालों में वैक्सीन भंडारण के लिए आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर की सुविधा नहीं है। 18 से 59 साल के पात्र लोगों को निजी अस्पतालों में ही बूस्टर डोज लगनी है। निजी अस्पतालों में प्रति व्यक्ति को बूस्टर डोज लगवाने के लिए 385 रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
हालांकि जिले में तीन निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन सुविधा के अभाव से स्वास्थ्य विभाग ने अभी अनुमति नहीं दी है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटर की सुविधा होना जरूरी है। इसके लिए आइस बॉक्स की जरूरत है। सरकार की गाइडलाइन के बाद जिला कुल्लू में निजी अस्पतालों ने लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। तीन अस्पतालों ने इसके लिए आवेदन किया है, लेकिन अस्पतालों में रेफ्रिजरेटर की व्यवस्था न होने से इनको अभी वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिलेगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिकताएं पूरी करने वाले निजी अस्पतालों को पीसीवीसी (प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर) स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
गौरतलब है कि जिला कुल्लू में 18 से 59 साल के लोगों को कोरोना विरोधी वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं लग रही है। पहली और दूसरी डोज लगाए हुए नौ माह का समय पूरा होने पर लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए मोबाइल पर संदेश मिल रहे हैं, लेकिन अभी प्राइवेट कोविड केयर सेंटर चिह्नित न होने के कारण भी समस्या बनी हुई है, जिसके कारण पात्र लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उधर, इस संबंध में वैक्सीन और कोल्ड चेन जिला प्रबंधक अभिषेक कायस्था ने कहा कि तीन निजी अस्पतालों को पीसीवीसी स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई है। तीन-चार दिनों में वैक्सीनेशन शुरू कर दी जाएगी।
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अस्पतालों ने वैक्सीन कंपनियों को दिया ऑर्डर
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि जिन निजी अस्पतालों को वैक्सीनेशन के लिए पीसीवीसी स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई है, उन्होंने वैक्सीन कंपनियों को ऑर्डर भेज दिए हैं। आईएलआर की व्यवस्था होते ही वैक्सीनेशन अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में 18 से 59 साल के पात्र लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। अस्पतालों में वैक्सीन भंडारण के लिए आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर की सुविधा नहीं है। 18 से 59 साल के पात्र लोगों को निजी अस्पतालों में ही बूस्टर डोज लगनी है। निजी अस्पतालों में प्रति व्यक्ति को बूस्टर डोज लगवाने के लिए 385 रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
हालांकि जिले में तीन निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन सुविधा के अभाव से स्वास्थ्य विभाग ने अभी अनुमति नहीं दी है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटर की सुविधा होना जरूरी है। इसके लिए आइस बॉक्स की जरूरत है। सरकार की गाइडलाइन के बाद जिला कुल्लू में निजी अस्पतालों ने लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। तीन अस्पतालों ने इसके लिए आवेदन किया है, लेकिन अस्पतालों में रेफ्रिजरेटर की व्यवस्था न होने से इनको अभी वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिलेगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिकताएं पूरी करने वाले निजी अस्पतालों को पीसीवीसी (प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर) स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
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गौरतलब है कि जिला कुल्लू में 18 से 59 साल के लोगों को कोरोना विरोधी वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं लग रही है। पहली और दूसरी डोज लगाए हुए नौ माह का समय पूरा होने पर लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए मोबाइल पर संदेश मिल रहे हैं, लेकिन अभी प्राइवेट कोविड केयर सेंटर चिह्नित न होने के कारण भी समस्या बनी हुई है, जिसके कारण पात्र लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उधर, इस संबंध में वैक्सीन और कोल्ड चेन जिला प्रबंधक अभिषेक कायस्था ने कहा कि तीन निजी अस्पतालों को पीसीवीसी स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई है। तीन-चार दिनों में वैक्सीनेशन शुरू कर दी जाएगी।
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अस्पतालों ने वैक्सीन कंपनियों को दिया ऑर्डर
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि जिन निजी अस्पतालों को वैक्सीनेशन के लिए पीसीवीसी स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई है, उन्होंने वैक्सीन कंपनियों को ऑर्डर भेज दिए हैं। आईएलआर की व्यवस्था होते ही वैक्सीनेशन अभियान शुरू कर दिया जाएगा।